मीडिया कर्मियों के साथ परियोजना के बुनियादी सर्वेक्षण के परिणाम उपलब्धियाँ एवं चुनौतियां विषयक परिचर्च कार्यक्रम सम्पन्न

मीडिया कर्मियों के साथ परियोजना के बुनियादी सर्वेक्षण के परिणाम उपलब्धियाँ एवं चुनौतियां विषयक परिचर्च कार्यक्रम सम्पन्न

 

बेतिया। नगर के फकिराना सिस्टर्स सोसाइटी परिसर, बानुछापर में मिडिया कर्मियों के साथ परियोजना के बुनियादी सर्वेक्षण के परिणाम, उपलब्धियाँ एवं चुनौतियां विषयक परिचर्च बैठक (मिडिया कांफेरेंस) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिस्टर सरिता आरोक्यम निदेशिका के द्वारा किया गया। परियोजना समन्वयक म० कलाम अंसारी ने परियोजना के बुनियादी सर्वेक्षण के परिणाम, उपलब्धियाँ एवं चुनौतियां की जानकारी “पवार पॉइंट” के माध्यम से प्रस्तुत किया। 2021 बाल मजदूरी उन्मूलन के लिए घोषित अंतर्राष्ट्रीय वर्ष हेतु कार्य योजना तैयार किया गया। परियोजना प० चंपारण के बेतिया, चनपटिया एवं योगापट्टी प्रखंड के 777  परिवारों के  कुल 5500 लोगों के 2000 बच्चों के साथ बाल मजदूरी उन्मूलन का काम करती है। परियोजना के  मुख्य कार्य बच्चों का व्यवसाय नहीं परियोजना एक बहु देशीय संयुक्त पहल है, जिसके द्वारा 2025 तक बाल श्रम के सभी रूपों को समाप्त करने हेतु  विश्व स्तरीय प्रयासों में योगदान देने के लिए शुरू की गई है। परियोजना चार परिवर्तन के उदेश्यों (चंजीूंले) द्वारा बाल श्रम के मूल कारणों को समाप्त कर बच्चों, युवाओं स,उनके परिवारों और समुदायों  सुरक्षा  प्रदान करता है, ताकि  बच्चे और युवा बाल श्रम से मुक्त हो, समानता के अपने अधिकारों के साथ  (भविष्य) सभ्य काम का आनंद ले सकें। यह विश्व के  छह देश - भारत, जॉर्डन, माली, युगांडा, वियतनाम और कोटे डी इवोइरे में संचालित है। यह परियोजना कार्यक्रम विदेशी मामलों के मंत्रालय, नीदरलैंड  द्वारा सहयोग किया जा रहा है। भारत में बाल श्रम के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक और भौगोलिक  कारणों को समझना एवं उसके विरुद्ध कार्य करना डब्लू.एन.सी.बी. परियोजना का मूल उदेश्य है। परियोजना  प्रवासी बाल मजदूरों ,जाति, लिंग असमानता एवं  गरीबी जैसे मूल कारणों को समाप्त कराने का प्रयास करता है। भारत में क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण और आपूर्ति श्रृंखला दृष्टिकोण के आधार पर परियोजना कार्यक्रम को लागु किया जाता है ताकि  बाल संरक्षण प्रणालियों को मजबूत किया जा सके, सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके,युवाओं की अर्थव्यवस्था सशक्त बने, परिवार के लिए वैकल्पिक आजीविका के साधन का सृजन हो , बाल अधिकारों के सिद्दांतों कि स्थापना की  रणनीति बने  तथा साक्ष्य आधारित परिणाम (आउटपुट ) प्राप्त हो सके। परियोजना का उदेश्य- परिणाम- 1 बच्चे अपने  परिवार एवं सामुदायिक के सहयोगात्मक वातावरण से अपनी शिक्षा और भविष्य में रोजगार को पाने के लिए सशक्त हो होंगें। सरकारें प्रासंगिक बाल अधिकार आधारित कानूनों पर बल देती हैं और बाल श्रम, शिक्षा, युवा आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा वाले नीतियों को लागू करती हैं। उक्त परिणाम पाने हेतु कार्य/गतिविधियाँ भंगुर परिवारों के साथ संपर्क ध् चर्चा कर बाल मजदूरी के खतरों, शिक्षा के महत्त्व को बताना, सामुदायिक बैठक कर बाल मजदूरी के खतरों, शिक्षा के महत्त्व को बताना, आय उपार्जन समितियों का गठन करके भंगुर परिवारों को जोडना ताकि वे बाल मजदूरी के खतरों  को जाने एवं उससे बच्चों को बचाने की  पहल करें, आय उपार्जन के गतिविधियों का सृजन करना ताकि परिवार की आमदनी बढे ताकि बच्चों को बाल मजदूरी कराने का अवसर न मिले, परिवार समुदाय को सशक्त बनाना ताकि वे अपने बच्चों को उचित शिक्षा एवं रोजगार के अवसर पा  सकें, सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वातावरण का निर्माण होगा ,बच्चों के लिए सहायक शिक्षण केंद्र एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होंगे। उक्त परिणाम पाने हेतु कार्य/गतिविधियाँ छीजित बच्चों के लिए सहायक शिक्षण केंद्र का संचालन, बच्चों का हमजोली समूह का गठन एवं बैठक बाल मजदूरी के खतरों, पहल समझाना बच्चों में लिंग समानता, महत्त्व बताना, बच्चों को सशक्त बनाना ताकि अपने शोषण के खिलाफ आवाज  उठा सके, कौशल शिक्षण केंद्र ( कम्पुटर एवं सिलाई ) का संचालन, युवाओं को रोजगार के अवसर तलाशने में मदद करना है। सरकारी अधिकारियों, विभागों के साथ संपर्क एवं बैठक करना, ,बच्चों से जुड़े सरकारी अधिकारियो, विभागों को संवेदनशील बनाना, बाल श्रम, शिक्षा, युवा आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा वाले नीतियों को लागू कराना, बाल मजदूरों, युवाओं एवं परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोडना, कार्यक्रम में निम्न मिडिया कर्मियों ने अपने विचार रखे। आज के कार्यक्रम के मुख्य आयोजको का नाम सिस्टर क्रेसेंस, निदेशीका सिस्टर सरिता आरोक्यम, परियोजना सम्नवयक कलाम अंसारी,तथा सहयोगी कार्यकर्ता केविन विल्लियम, सुमित कुमार, आसिया प्रवीण, पिंकी प्रकाश डाला।

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