मौसम के बदलते तेवर से किसान चिंतित, बूंदाबांदी ने फाल्गुनी ठंडक का कराया एहसास

मौसम के बदलते तेवर से किसान चिंतित, बूंदाबांदी ने फाल्गुनी ठंडक का कराया एहसास

बांका(रजौन) : अचानक मौसम के बदले मिजाज से कृषकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं।पूरे जिले में रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी से फसलों के नुकसान को लेकर किसान सहमे हुए हैं।खास करके तेलहन,दलहन व आम के मंजर-टिकोले को नुकसान पहुंच रहा हैं।बदले मौसम के मिजाज से तापमान में गिरावट आई है।लोग पुनः चादर की जगह कम्बल की जरूरत महसूस करने लगे है।रुक-रुक होती फुआरी बारिश और फागुनी  हवा की जुगलबंदी से जीवन के रफ्तार पर ब्रेक लगा है।जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है।लोगों की दिनचर्या ठप पड़ गया।सड़कों पर दिनभर आवाजाही कम देखने को मिली।फागुनी ठंड से सब्जी खेती करने वाले किसान बेमौसम बारिश से काफी चिंतित हैं।उन्हें पिछले वर्ष की याद ताजा हो गई कि कहीं इस बेमौसम बारिश और छींटपुट ओलावृष्टि से फसल को व्यापक छति न पहुंच जाए।बांका कृषि विज्ञान केंद्र डॉ.संजय कुमार ने बताया इस बूंदाबांदी बारिश से आपके फसल, तिलहन दलहन आदिल फसलों को नुकसान नहीं होगा।अधिक बारिश होने पर तिलहन दलहन को नुकसान हो सकता है।इस बूंदाबंदी से हर तरह का भी फायदा ही फायदा है।
रिपोर्ट: कुमुद रंजन राव

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