बाल विवाह के विरोध में किशोरी पहुंची न्याय के लिए डीएम का दरबार

बाल विवाह के विरोध में किशोरी पहुंची न्याय के लिए डीएम का दरबार

बांका (रजौन) : एक ओर बिहार सरकार जहां बाल विवाह दहेज प्रथा को लेकर सख्त कानून पालन के साथ लोगों को जागरूकता अभियान चलाकर आप जनों को सजग करने में लगी हुई है।दूसरी ओर समाज में बेटियों को कम उम्र में ही विवाह कर दिया जा रहा है।आज भी गांव में मां-पिता लड़की को बोझ समझकर कम उम्र में ही फूल कोमल सी किशोरी को शादी के खूंटे में बांध रही है।लडकियों ने अब इस कुरीति को समाप्त करने को खुद बीड़ा उठा ली है। ताजा मामला रजौन थानाक्षेत्र के मंझगाय गांव से प्रकाश में आ रही है।देवेन्द्र तांती की पुत्री ने बांका डीएम सुहर्ष भगत को अपने परिजनों द्वारा कम उम्र में शादी करने को लेकर आवेदन देकर शादी रोकने को लेकर दिया है।आवेदन में लिखा है कि माता- पिता के द्वारा कम उम्र में विवाह तय कर दिया गया है ।जबरदस्ती शादी कराना चाहते है जबकि लड़की की उम्र16 -17 वर्ष से कम है।नाबालिग होने व आगे पढ़ लिखकर भविष्य उज्जवल बनाने की चाह में अब कानून का सहारा बच्ची ने ली है।घर वालों द्वारा 25 मार्च को विवाह का लगन भी तय कर दिया गया है।वहीं इस आवेदन पर डीएम के द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई बांका द्वारा एसडीओ मनोज कुमार चौधरी को बाल विवाह रोकने को लेकर आदेश दिया गया है।जिसको लेकर प्रशासन आगे की तैयारी में जुट गया है।
रिपोर्ट कुमुद रंजन राव

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