पीएचडी विभाग की लचर व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को शुद्ध जल पीने को नहीं मिल रहा

पीएचडी विभाग की लचर व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को शुद्ध जल पीने को नहीं मिल रहा

 दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट



शंभूगंज (बांका): जल है तो जीवन है  इसके लिए सरकार ने जलजीवन हरियाली योजना के तहत अभियान शुरू कर दी है दूसरी ओर सरकारी तंत्रों के कारण यह जनकल्याणकारी अभियान सिर्फ कागजों पर सिमट गई है प्रखंड में पीएचइडी विभाग की बात करें तो क्षेत्र में जितने भी जलमीनार बने हैं , स्थिति ठीक नहीं है कुर्मा पंचायत के गढ़ीकुर्मा गांव के वार्ड संख्या 12  में ग्रामीणों को शुद्ध जल नसीब नहीं हो रहा है ,लेकिन रोजाना सैकड़ों लीटर जल की बर्बादी हो रही है यह सिलसिला पिछले एक माह से चल रहा है ग्रामीणों की शिकायत पर जब संवेदक और विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा तो शनिवार को जलमीनार के समीप लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया  ग्रामीण दीनबंधू सिंह , पवन सिंह , बिट्टू कुमार , अंशु कुमार , सौरभ कुमार , लालटू कुमार सहित अन्य ने बताया कि पेयजल की समस्या पर करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लाखों की राशि से पीएचइडी विभाग द्वारा जलमीनार बनाया गया  जब से जलमीनार बना , ग्रामीणों को मुश्किल से एक माह ही लगातार पानी मिला  कभी मोटर और स्टाटर जलने की समस्या तो कभी पाइप उखड़ने और टंकी फटने की समस्या हो रही है  बताया कि 5000 लीटर का दो टंकी लगाया गया  संवेदक द्वारा एक माह पहले टंकी लगा दी गई टंकी मे पानी भरने के साथ ही जगह - जगह टंकी दरक गया बताया कि संवेदक ने डेढ़ साल के अंदर तीन मरतबे टंकी बदलने के नाम पर सिर्फ कागजी कालम पूरा किया है  वर्तमान में स्थिति यह है कि पंप संचालक टंकी में पानी तो भरते हैं , लेकिन लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है  इस समस्या की शिकायत कई बार संवेदक से लेकर विभाग के जेई तक किया,लेकिन कोई असर नहीं पड़ा आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होती है तो जनआंदोलन तेज होगा। इस संबंध में वार्ड संख्या 12  में सिर्फ कुर्मा पंचायत का नहीं है बल्कि प्रखंड के लगभग पंचायत में यही हाल है। गुलनी पंचायत के वार्ड संख्या 5,6,7,8,9 में पीएचडी द्वारा बनाई गई जल मीनार चालू नहीं होने के कारण ग्रामीणों को शुद्ध जल नसीब नहीं हो रहा है।


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