रजौन, बांका: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 संपन्न होने के बाद पंचायत समिति की पहली बैठक प्रखंड मुख्यालय आईटी भवन स्थित सभागार परिसर में 25 फरवरी शुक्रवार को रखी गई है। पंचायत समिति की बैठक को लेकर बिना प्रखंड के मुखिया को विश्वास में लिए डेट निर्धारित किए जाने को लेकर शुक्रवार 25 फरवरी को आयोजित पंचायत समिति बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मंडप विवाह भवन रजौन परिसर में प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार की संध्या 4 बजे बैठक आयोजित की गई। आयोजित आपातकालीन बैठक में प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, उपाध्यक्ष मनोज कुमार दास, सचिव प्रवीण कुमार सिंह सहित मुखिया चंदा रानी के प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह, सकहारा पंचायत मुखिया अमृता देवी का प्रतिनिधि अरुण कुमार, धौनी बामदेव पंचायत मुखिया अनुपम कुमारी का प्रतिनिधि टिंकू सिंह, संझा श्यामपुर पंचायत मुखिया आशा देवी का प्रतिनिधि परशुराम मंडल, मुखिया प्रियंका कुमारी का प्रतिनिधि रवि कुमार, तिलकपुर पंचायत मुखिया श्रवन मंडल, मोरामा बनगांव पंचायत मुखिया रणधीर यादव मुख्य रूप से उपस्थित थे। प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बैठक के उपरांत प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया है कि पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई में मुखिया को अलग नियोजन प्रक्रिया से किया गया है। जिसको लेकर उपस्थित सभी मुखिया ने इस घृणित कुकृत्य का रोष व्यक्त किया है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया है पंचायत समिति की बैठक मुखिया का बिना राय लिए डेट निर्धारित कर दिया गया है। जिस कारण प्रखंड मुखिया संघ की बैठक में सर्वसम्मति से 25 फरवरी शुक्रवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में पंचायत समिति की योजना नियमानुकूल कराने की भी मांग की गई है। प्रखंड मुखिया संघ की बैठक प्रत्येक माह में करने का भी निर्णय लिया गया है। मालूम हो कक्षा 1 से 5 के 39 तथा 6 से 8 के लिए 23 शिक्षक अभ्यर्थियों का शिक्षक नियोजन मेला के तहत 23 फरवरी बुधवार को रजौन धौनी बीआरसी परिसर में नियोजन पत्र प्रमुख रूबी कुमारी द्वारा दी गई थी। शिक्षक नियोजन के क्रम में किसी भी पंचायत के मुखिया को नहीं पूछा गया था। यहां तक बिचौलिया एवं दलालों के सांठ-गांठ के कारण सहमति पत्र के नाम पर रजौन धौनी बीआरसी परिसर में शुक्रवार की देर रात्रि तक गहमागहमी हो हंगामा का आरोप प्रत्यारोप चलते रहा। बताया जा रहा है पूर्व नियोजित तरीके से शिक्षक नियोजन एवं सहमति पत्र के नाम व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। बताया जा रहा है प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई के सचिव पद से बीडीओ के स्थान पर प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को सचिव के लिए नामित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रजौन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश प्रसाद सिन्हा 31 जनवरी 2022 को सेवानिवृत्त होने के उपरांत रजौन बीईओ का अतिरिक्त प्रभार धोरैया बीईओ कुमारी कंचन लता एवं रजौन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी दीपशिखा 18 जनवरी से राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के लिए चली गई है। बीपीआरओ दीपशिखा का प्रशिक्षण 18 जनवरी से 14 मार्च तक के लिए था। इसे बढ़ाकर 28 मार्च 2022 कर दी गई है। इस कारण उनके स्थान पर धोरैया के बीपीआरओ आनंद भूषण को रजौन का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है। धोरैया का ही बीईओ एवं बीपीआरओ को रजौन का अतिरिक्त प्रभार रहने को लेकर शिक्षक नियोजन में बिचौलिया एवं दलाल हावी रहने की वजह से शिक्षक नियोजन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। जिस कारण प्रखंड के सभी पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य आदि काफी रोष में दिख रहे हैं। यही कारण है गुरुवार को भी धौनी बीआरसी में शिक्षक नियोजन नियुक्ति पत्र आदि को लेकर सिवान जिला अंतर्गत पतार गांव के दिनेश प्रसाद गुप्ता का पुत्र अमित कुमार गुप्ता एवं बक्सर की अर्चना बीआरपी संजय कुमार झा से गुहार लगा रही थी। सिवान के अमित कुमार गुप्ता का रोते बिलखते हुए बुरा हाल हो रहा था। अमित कुमार गुप्ता ने बताया बीईओ कुमारी कंचन लता द्वारा 23 फरवरी बुधवार को आश्वासन एवं ओके करने एवं सहमति पत्र लेने के बाद भी नियोजन पत्र नहीं दिया। यही हाल बक्सर की अर्चना कुमारी के साथ भी है। अमित कुमार गुप्ता ने रोते बिलखते हुए मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि मेरी मां जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इसके बाद भी शिक्षक नियोजन के लिए 22 फरवरी से ही बीआरसी का कैंप कर रहे हैं। बीआरपी संजय कुमार झा ने बताया कि अमित कुमार गुप्ता का कक्षा 6 से 8 के लिए नियोजन पत्र तक तैयार किया गया है। जिला से मौखिक आदेश पर दक्षिण भारत चेन्नई से B.Ed का प्रमाण पत्र को लेकर रोका गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है शिक्षक नियोजन में हावी रहे बिचौलिए एवं दलालों के मिलीभगत एवं सांठगांठ से शिक्षक नियोजन को कलंकित कर दिया गया है। जिस कारण सहमति पत्र के नाम पर शिक्षक अभ्यर्थियों को मानसिक आर्थिक प्रताड़ना से जूझना पड़ा है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों, प्रखंड वासियों ने रजौन शिक्षक नियोजन का उच्च स्तरीय जांच जिलाधिकारी सुहर्ष भगत एवं शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से की है।
रिपोर्ट:केआर राव
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