असम में आतंकी हमले में शहीद सोनू की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

असम में आतंकी हमले में शहीद सोनू की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

 बांका: असम में सेना के जवानों पर हुए हमले में बिहार के बांका का लाल सोनू कुमार का पार्थिव शरीर देर रात तिरंगा में लिपटा हुआ उसके गांव पहुंचा। उसकी एक झलक पाने के लिए पक्की सड़क के दोनों तरफ तिरंगे झंडे लेकर लोग उसका इंतजार करते रहे। शव के बाराहाट प्रखंड के महुआ गांव पहुंचते ही लोगो के आखों में आंसू आ गए परिवार के लोगो के साथ माता पिता पत्नी सहित ग्रामीणों के आंसू रुक नही रहा था।शहीद सोनू के अंतिम यात्रा में खुद जिलाधिकारी सुहर्ष भगत एसपी अरविंद कुमार गुप्ता भी उपस्थित थे। उन लोगो ने परिवार से मिल का गहरा दुख व्यक्त किया। ज्ञात हो कि 28 वर्षीय सोनू कुमार बांका जिले के बाराहाट प्रखंड के महुआ गांव के मूल निवासी थे। वे अभी असम में पदस्‍थापित थे। ड्यूटी जाने के दौरान आतंकियों ने उन्‍हें सोमवार की सुबह निशाना बनाया।  जिसमें सोनू सहित दो जवान शहीद हो गए। सोनू के पिता रिटायर्ड सैनिक त्रिभुवन यादव एवं उनकी शिक्षिका मां बबिता देवी सहित अन्य स्वजन भागलपुर में रहते हैं।सोनू की पत्नी कविता देवी बिहार पुलिस में सुपौल जिले में कार्यरत है। सोनू की शादी 2018 में भागलपुर जीरोमाइल में हुई थी। उन्हें ढाई वर्षीय का पुत्र विभांशु कुमार है। सोनू के साथियों ने बताया कि वे काफी मिलनसार थे। कभी कभी छुट्टियों में घर आने पर सभी से मिलते जुलते थे। होनहार लाल के शहीद होने पर महुआ गांव सहित आसपास के गांव  में मातमी मौहल है। 



मंगलवार दो पहर बाद भारी जनसैलाब के बीच जबतक सूरज चांद रहेगा सोनू तेरा नाम रहेगा के जुलूस के साथ बौसी के पापहरणी श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। 


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