बांका: यूक्रेन पर रुस के हमले के बाद वहां रह रहे जिले के बौंसी प्रखंड क्षेत्र के मरवावरण गांव निवासी व्यवसायी ज्ञान यादव के पुत्र राजीव कुमार उर्फ फंटुश दहशत में हैं। लेकिन वे हिम्मत नहीं हार रहे हैं। अपने साथियों के साथ राजीव ने एक तस्वीर साझा की है। अन्य देशों के प्रवासी छात्रों के संग राजीव की ये तस्वीर उनके मजबूत हौसलों को बयां कर रही है। राजीव यूक्रेन के टेरणोपिल शहर में रहकर एमबीबीएस की तैयारी कर रहा था। फिलहाल राजीव सेकंड ईयर का छात्र है। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद छात्र काफी दहशत में हैं। स्वजनों से वीडियो काल पर बातचीत कर स्वदेश लौटने की गुहार लगा रहे हैं। इधर, राजीव के यूक्रेन में फंसे रहने के बाद बौंसी के कई लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर राजीव की फोटो साझा कर उसके सकुशल घर लौटने की गुहार सरकार से लगा रहे हैं। पारिवारिक लोगो से बातचीत में राजीव ने शुक्रवार को बताया कि यहां का माहौल पढ़ने योग्य नहीं रह गया है। सरकार सकुशल स्वदेश लौटने का इंतजाम सरकार को करना चाहिए। हमले के बाद वहां की अधिकांश दुकानें और माल बंद है। कुछ माल खुले हुए हैं, जिससे काम चल रहा है। सभी छात्र होस्टलमें कैदी की तरह हैं। समय समय पर ही निकलने की अनुमति मिल रही है।यूक्रेन में फंसे बांका के राजीव ने बताया कि 500 से 600 छात्र भारत के फंसे हुए हैं, जिसमें 35 बिहारी छात्र हैं। परीक्षा के बाद 21 फरवरी को कालेज में फिर से पढ़ाई शुरू हुई थी। हमले का जगह यूनिवर्सिटी से 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। फिर भी भय का माहौल बना हुआ है। छात्र तीन भाई बहनों में मंझले हैं। बड़ा भाई राजेश झारखंड के गोड्डा शहर में चिकित्सक हैं, छोटे भाई रंजन झारखंड में होटल का व्यवसाय करता है। एक छोटी बहन काजल कुमारी घर में रहती है। घटना के बाद पिता ज्ञान यादव मां ज्ञानी देवी सहित अन्य स्वजन काफी चिंतित है।

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