बांका: चांदन बप्रखंड के कुसुमजोरी पंचायत में एक विद्यालय ऐसा भी है जहां छात्र एंव छात्राओं सहित शिक्षकों को भी पानी या तो घर से लाना पड़ता है।या प्यास बुझाने के लिए घर जाना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालय फत्तेहपुर में जहां 130 बच्चे के साथ 40 बच्चे आंगनबाड़ी के भी है। जो पानी के लिए करीब एक साल से परेशानी झेल रहे है। इस विद्यालय में सरकार की ओर से एक चापानल लगाया गया था। जो करीब एक साल से खराब पड़ा है। प्रधानाचार्य राजेंद्र यादव ने बताया कि चापानल मरम्मती के लिए कई बार अपने विभाग को जानकारी दी गयी है पर आज तक कोई ध्यान नही दिया गया। जिससे प्यास लगने पर बच्चे को घर जाना पड़ता है।इतना ही नही आंगनबाड़ी, औऱ मध्यान्ह भोजन भी पानी के अभाव में बंद हो गया है। इस संबंध में बीडीओ राकेश कुमार ने बताया कि विभाग को सूचना देकर जल्दी ही पानी की व्यवस्था करा दिया जाएगा।जिससे बच्चे एंव शिक्षकों की परेशानी दूर हो सके।

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