दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : मंगलवार को ईंगलिशमोड़ मुख्य सड़क पर माय रेडिमर स्कूल के मैजिक वाहन पर सवार एक दर्जन बच्चों के जख्मी मामले में विद्यालय प्रबंधन और चालक की लापरवाही का मामला जांच में सत्य पाया गया। गोरेय गांव के समीप सत्संग भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे में मैजिक वाहन चालक की लापरवाही का वीडियो फूटेज कैद हो गया है। जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि वारसाबाद से शंभुगंज की ओर तेज गति में आ रही बच्चों से भरा मैजिक वाहन चालक ने असंतुलित होकर खड़े कंटेनर में ठोकर मार दी। इस घटना में एक दर्जन बच्चे जख्मी हो गए।जिसमें गंभीर रूप से जख्मी दो बच्चे मृणालशेखर एवं दिव्यांशुराज का इलाज भागलपुर में चल रहा है।घटना के बाद बुधवार को विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। प्रखंड क्षेत्र में माय रेडिमर सहित अन्य स्कूलों में अनफिट वाहनों से बच्चों को लाने और ले जाने का काम होता है। अक्सर वाहनों के साइलेंसर फटे होते हैं। जिससे निकल रही जहरीले धूंए के बच्चे शिकार होते हैं।खासकर रेडिमर स्कूल में वाहनों के साइलेंसर और रेडिवार फटने , ब्रेक फेल इत्यादि की समस्या अक्सर होती है। हाल के दिनों में रेडिवाटर फटने से आधे दर्जन बच्चे झुलसे थे। इसके अलावा कई बार बच्चों से लदा वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते - होते बची है।
पिछले तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिले के सभी निजी विद्यालयों में वाहनों के फिटनेस सही रखने का आदेश दिया। इसके बाद भी कई विद्यालय प्रबंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यहां तक कि वाहन शुल्क के नाम पर बच्चों से जमकर राशि ली जाती है , लेकिन प्रबंधन एक भी सरकारी मानक पूरा नहीं करती है। इतना ही नहीं झमता से अधिक वाहनों पर बच्चों को चढ़ाया जाता है। बच्चों द्वारा गाड़ी में सीट नहीं मिलने की शिकायत पर प्रबंधन डांट - डपट भी करते हैं। जिससे बच्चे चुपचाप सहन कर लेते हैं। वहीं स्कूली वाहन दुर्घटना के बाद रेडिमर स्कूल की परत दर परत पोल खुलने लगी है। इस स्कूल का आज तक सरकारी रिकार्ड में पंजीयन नहीं है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आमोद कुमार ने इसकी पुष्टी करते हुए बताया कि बीआरसी के रेकर्ड में इस विद्यालय का नामोनिशान नहीं है। वहीं बीडीओ प्रभात रंजन ने घटना को दुखद बताते हुए सभी जख्मी बच्चों के स्वास्थ्य होने की कामना की है। साथ ही घटना की जांच कराने की बात कही है।


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