दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : कारगिल युद्ध में दुशमनों के छक्के छुड़ाने वाले गुलनी कुशाहा के बीएसएफ जवान सुधांशु शेखर सिंह सेवानिवृत होकर शुक्रवार को गांव लौटे। सबसे पहले सुधांशु शेखर ने धरती मां को नमन करते हुए माता योगमाया देवी , पिता परमेश्वरी प्रसाद सिंह से आशीष लिए।फिर गांव के बड़े - बुजुर्गों से मिले। जहां ग्रामीणों ने वीर जवान का गर्मजोशी से फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान जय हिंद , भारत माता की जय के नारे बुलंद किए।वहीं सुधांशु ने ग्रामीणों के समक्ष पहले देशभक्ति की गाथा का बखान किया। उन्होंने कारगिल युद्ध की कहानी भी ग्रामीणों को सुनाया कि किस तरह दुश्मनों की गोली से एक बार बाल - बाल बचे थे। इसमें माता - पिता के अलावा गांव के शुभचिंतकों के आशीर्वाद ने रक्षा की। उन्होंने बताया कि देश की सेवा करने में जो सुख मिला , इससे बड़ा और कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार ईमानदारी से देश की सेवा की है , अब उसी प्रकार समाज सेवा भी करूंगा। उन्होंने युवाओं को भी डिफेंस के प्रति प्रोत्साहित किया। जुलाई 1991 में सुधांशु शेखर की नौकरी बीएसएफ में हुई। फिर प्रशिक्षण के लिए हजारीबाग मेरु कैंप भेजा गया। सेवानिवृत 31 जुलाई 2023 को अमृतसर के 101 बटालियन खेमकरण से हुआ। इस बीच सुधांशु शेखर का विभिन्न महानगरों में तबादला होते रहा। इनके कार्यकुशलता पर तीन बार विभिन्न पदकों से सम्मानित किया गया।अब सेवानिवृत के बाद गांव आए जवान सुधांशु शेखर से बच्चों और युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी। इस मौके पर पूर्व पैक्स अध्यक्ष विद्याभूषण सिंह , पूर्व सरपंच पांडव सिंह , शिवपूजन सिंह , दिव्यांशु राठौर , साकेत सिंह,दिव्यराज , प्रियांशु सहित गांव के ग्रामीण नवयुवक लोग मौजूद थे।


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