इंटरस्तरीय विद्यालय गुलनी कुशाहा का जर्जर भवन हादसे को दे रही दावत

इंटरस्तरीय विद्यालय गुलनी कुशाहा का जर्जर भवन हादसे को दे रही दावत

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) : सरकार एक तरफ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। विभाग भी नई नियमावली द्वारा व्यवस्था मजबूत बनाने में लगी है। दूसरी ओर विद्यालयों में साधन - संशाधन के आभाव में बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड में अधिकांश विद्यालय भवन जर्जर हो चुकी है। उच्च विद्यालय गुलनी कुशाहा, कन्या प्राथमिक विद्यालय गुलनी कुशाहा , प्राथमिक विद्यालय गोरियामा , प्राथमिक विद्यालय धरमपुर इत्यादि दर्जनों विद्यालय भवन जर्जर है। चार दिन पूर्व लगातार वर्षा के कारण प्राथमिक विद्यालय के छत का मलवा गिर गया। घटना के वक्त स्कूल में छुट्टी हो चुकी थी। जिससे हादसा टल गया। उच्च विद्यालय गुलनी कुशाहा का भवन भी किसी खतरे से कम नहीं है। विद्यालय का छत इस तरह कमजोर है कि छत से छड़ छोड़ने लगा। जिससे मलवा जमीन पर गिरना शुरू हो गया है। विद्यालय प्रभारी आशा कुमारी , शिक्षक मनोज कुमार सहित अन्य ने बताया कि छत कमजोर होने के कारण बच्चों का पठन - पाठन दूसरे कक्ष में हो रहा है। बारिश होने से छत से पानी टपकता है जिस कारण  डैक्स और बेंच भी खराब हो रहा है। कमजोर भवन में किसी तरह कार्यालय का कागजी काम करते हैं। उसमें भी उपर से मलवा गिरने का भय समाया रहता है। बताया कि विद्यालय में नामांकिन बच्चों की संख्या करीब 540 है। विद्यालय का दो कमरा कमजोर होने के कारण परेशानी हो रही है। प्राथमिक विद्यालय गोरियामा की स्थिति तो और बदतर है।भवन जर्जर के साथ दीवार भी जगह - जगह दरक गया है। बरसात के दिनों में छत के चारो तरफ पानी टपकता है। विद्यालय प्रभारी शशिकला ने बताया कि इसके लिए कई बार प्रखंड बीआरसी से लेकर जनप्रतिनिधियों से भी समस्या समाधान पर चर्चा की। अभी तक कोई पहल नहीं हुआ। गर्मी और बरसात में बच्चों को बरामदे पर बैठाकर पढ़ाना विवशता है। बीइओ दीपक कुमार ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवनों की सूचि तैयार कर इसकी रिपोर्ट जिला भेजी जाएगी।


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