जीविका समूह लूट समूह बन गया है।

जीविका समूह लूट समूह बन गया है।

बांका:चांदन प्रखंड मुख्यालय के अगल-बगल के सभी पंचायतों में जीविका समूह इन दिनों रोजगार का कर्ज देने के नाम पर  सिर्फ वसूली समूह बनाकर रह गया है। समूह के नाम पर अवैध वसूली का धंधा जोर शोर से चल रहा है। यह वसूली समूह के ही कुछ सदस्यों और बाहरी दलालों द्वारा कर्ज देने के नाम पर वसूल किया जा रहा है। जबकि कुछ जगहों पर राशि सिर्फ इसीलिए वितरण नहीं की जा रही है कि वहां लोग ऊपरी चढ़ावा देने को तैयार नहीं है। हाल ही के दिनों में जल छाजन द्वारा सभी जीविका समूह में राशि भेजी गई थी। जिस राशि का उपयोग जीविका समूह की दीदी छोटे-मोटे रोजगार कर अपने जीवन यापन के लिए खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। लेकिन इस राशि को प्राप्त करने के लिए जीविका समूह के सदस्यों और दलालों का एक गुट प्रत्येक सदस्य 200 से 300 की मांग करता है ,और कहता है कि सभी को राशि देनी पड़ती है, इसीलिए बिना पैसा दिए राशि का वितरण नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार वार्ड नंबर सात में भी राशि का वितरण सिर्फ इसीलिए नहीं किया गया क्योकि समूह की सदस्य ऊपरी राशि देने को तैयार नही है। जबकि कुछ जगहों पर  कुछ सदस्यों को मनमाने ढंग से राशि का वितरण किया जा रहा है। यहां तक की जिस सदस्यों  व्यवसाय के लिए  राशि दी जाती है वह व्यवसाय करता है या नहीं इसकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं है। सिर्फ कागजी खाना पूर्ति कर व्यवसाय चलाया जा रहा है। इस संबंध में जब जीविका के प्रभारी प्रबंधक ओम प्रकाश से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मौखिक शिकायत उन्हें भी मिली है। लेकिन जब तक कोई लिखित रूप में नहीं देता है तब तक उसे पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। जैसे ही लिखित आएगा राशि लेने वाले लोगों पर निश्चित रूप से समुचित कार्रवाई की जाएगी यहां तक कि उसे समूह से उसे हटा भी दिया जा सकता है। इस समूह का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को छोटा-छोटा कर्ज लेकर कम ब्याज लेकर उसे अपने पैरों पर खड़ा करना है। इसमें अगर कोई गलत काम करता है तो वह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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