बांका:जिलाधिकारी अंशुल कुमार के अथक प्रयास औऱ लगातार निगरानी के कारण अस्पताल का कायाकल्प बदल गया। सारी व्यवस्था पूरी तरह बदल गयी और यहां आने वाले मरीज को 24 घंटे सारी सुविधा दी जाने लगी। अस्पताल में हर तरह के रोगी के जांच से लेकर हर मरीज के लिए अलग अलग कमरे की व्यवस्था देखने लायक थी। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एके सिंहा औऱ अस्पताल प्रबंधक परशुराम प्रसाद सिंह को अस्पताल व्यवस्था को देख कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी के हाथों सम्मानित होने के बाद अब धीरे धीरे अस्पताल प्रबंधक की व्यवस्था कमजोर पड़ गया है। इस कारण सारी व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। सबसे पहले एएनएम के लिए बनाया गया लेबर रूम उपेक्षा का शिकार होने के कारण उसकी दुर्दशा देखने लायक है इस लेबर रूप में दो बेसिन की जगह 15 दिन पूर्व एक बेसिन टूट कर गिर गया। जो अपने जगह से गायब है। वही दूसरा बेसिन भी अब जमीन पर आ गया है। जिससे वहां काम करने वाली एएनएम औऱ प्रसवग्रस्त महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। लेकिन इस समस्या पर किसी का कोई ध्यान नही है। बताया जाता है कि अस्पताल की सारी व्यवस्था और देखरेख के लिए ही प्रबंधक की नियुक्ति की गई है।लेकिन उसका काम तभी सामने आता है जब कोई वरीय पदाधिकारी अस्पताल के निरीक्षण में आते है।लेकिन निरीक्षण समाप्त होते ही पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है।जबकि अस्पताल के व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर बर्ष लाखो का आबंटन सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी एके सिंहा ने कहा कि इस संबंध में प्रबंधक को आदेश दिया गया है। जल्दी ही उसकी मरम्मत करा दिया जाएगा।


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