दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : थाना क्षेत्र के मेहरपुर महादलित बस्ती में सर्पदंश से एक छात्र की मौत हो गई। मृतक छात्र उक्त गांव के पंकज दास का 15 वर्षीय पुत्र राजू दास था। घटना शनिवार की रात हुई है।पीड़ित पंकज दास , पत्नी संजू देवी ने बताया कि राजू रात्री में भोजन करने के बाद घर के बरामदे पर लगे चारपाई पर सो गया। अचानक आधी रात में राजू के रोने - धोने की आवाज सुन जगे तो राजू ने दाएं हाथ की अंगुली में किसी जहरीले जन्तू के काटने की बात कही।स्वजनों ने पहले तो गर्म पानी सहित अन्य घरेलू नुस्खा किया।इससे जब कुछ सुधार नहीं हुआ तो कुछ ग्रामीणों के कहने पर झाड़ - फूक के लिए फुल्लीडुमर के केडिया बिषहरी स्थान लेकर पहुंचा। वहां भी जब राजू की हालत बिगड़ने लगा तो स्वजन राजू को आनन - फानन में अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे , लेकिन रास्ते में ही राजू ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्वजनों में कोहराम मच गया। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसर गया। मां संजू देवी तो बार - बार अचेत हो रही थी। पिता पंकज की मानें तो आंखों से आंसू ही गायब हो गया।पंकज दास के पांच संतानों में सबसे बड़ी पुत्री नेहा कुमारी फिर पुत्र राजू दास था। इसके अलावा दो पुत्री नंदनी , खुशबू और सबसे छोटा पुत्र पियुष कुमार है। राजू दास उच्च विद्यालय प्रतापपुर में दशवीं कक्षा का छात्र था। माता - पिता का सपना था मैट्रिक पास करने के बाद राजू के आगे की पढ़ाई बड़े शहरों में कराकर सरकारी नौकरी दिलाने की , लेकिन अचानक इस घटना ने स्वजनों के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। स्वजन यदि झाड़ - फूक के चक्कर में नहीं पड़ता तो शायद राजू दास की जान बच सकती थी। ऐसा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डा अजय शर्मा का भी मानना है। चिकित्सिक ने बताया कि झाड़ - फूक के कारण जहर शरीर के नस - नाड़ी सहित सभी हिस्सों में फैल जाता है। उन्होंने अस्पताल में प्रयाप्त एंटी रैबीज सहित सर्पदंश का वैक्सीन होने की बात कही।इसके पहले गोपालपुर गांव के फंटुश मंडल , सहदेवपुर गांव की महिला रूना देवी सहित अन्य की मौत हो चुकी है।



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