बांका:चांदन प्रखंड के बिरनिया पंचायत के शेखपुरा कुशवाहा टोला में स्थित एक औऱ सरकारी बांध का दाखिल खारिज कर किसी रैयत के नाम से खाता खोलने का मामला सामने आया है। यहां तक कि अंचल कार्यालय से हर बर्ष राजस्व रसीद भी निर्गत किया जा रहा है।इसका खुलासा तब हुआ जब लघु सिंचाई विभाग द्वारा सरकारी राशि से बांध के जीर्णोद्धार की राशि स्वीकृत होने के बाद संवेदक काम कराने वहां गया। जिसका विरोध जमाबंदी के फर्जी रैयत कामदेव पंजियारा,शीतल पंजियारा सहित अन्य ने उस पोखर वाली जमीन को अपना बता रहा है। अंचल कार्यालय द्वारा कागजात जांच के बाद पाया गया कि पोखर का खाता 122 एंव खसरा 1223,औऱ 1224 में कुल रकवा तीन एकड़ 82 डिसमिल है। लेकिन अंचल कार्यालय द्वारा फर्जी तरीके से उस खेसरा को खाता 115 में चढ़ा कर रसीद निर्गत कर दिया गया है। जो पूरी तरह गलत है। वही ग्रामीणों ने इस बांध से अतिक्रमण हटा कर नापी कराते हुए जीर्णोद्धार काम शुरू करने की मांग पर सहायक अभियंता लघु सिचाई विभाग द्वारा अंचलाधिकारी को नापी करा कर अतिक्रमण मुक्त कर काम कराने का निर्देश दिया। लेकिन इस आदेश का पालन नही होने के बाबजूद संवेदक माणिक सिंह 63,240 की राशि से काम शुरू कर दिये जाने के बाद सैकडो ग्रामीणों ने फिर से मुख्यमंत्री सहित जिले के सभी पदाधिकारी को अलग अलग आवेदन देकर उस पोखर की नापी कराकर चिन्हित करते हुए काम कराने की मांग किया है। इस आवेदन से आक्रोशित ठीकेदार द्वारा दबंग अपराधी को बुलाकर ग्रामीणों को धमकी दी जा रही है। और झूठे केश में जेल भेजवाने की बात कह काम जबरन कराया जा रहा है।जिसका ग्रामीण महिला पुरुष लगातार विरोध कर रहे है। ग्रामीण गनोरी पंजियारा, सुधीर पंजियारा,रीता देवी,शशि कुमार,बंकू पंजियारा, राकेश कुमार बताते है कि गलत ढंग से जमाबंदी करा कर पोखर पर दावा किया जा रहा है। जिसकी पहले भी शिकायत किया जा चुका है। पर बिना नापी फिर काम शुरू कर दिया गया है।इसलिए उसे अतिक्रमण मुक्त कराने औऱ जमाबंदी रद्द करना जरूरी है। वही प्रभारी सीओ सह बीडीओ राकेश कुमार का कहना है कि नापी कराकर जमाबंदी रद्द करने का प्रस्ताव जल्दी ही अवर समाहर्ता के पास भेज दिया जाएगा। इससे पूर्व भी प्रखंड मुख्यालय के एक बांध का जमाबंदी की खबर छपने के बाद तत्कालीन सीओ ने रद्दीकरण के लिए बांका भेज दिया है।


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