बेतिया नगर निगम आयुक्त के रवैये से नागरिक आक्रोशित, शिकायतकर्ता ने सरकार से की जाँच की मांग

बेतिया नगर निगम आयुक्त के रवैये से नागरिक आक्रोशित, शिकायतकर्ता ने सरकार से की जाँच की मांग

बेतिया, पश्चिम चंपारण (बिहार) । शहर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उठे एक विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। वरिष्ठ समाजसेवी एवं राजनैतिक कार्यकर्ता जी. मनोज केशन ने बेतिया नगर निगम आयुक्त के खिलाफ अशोभनीय व्यवहार और अनुचित बयानबाज़ी को लेकर बिहार सरकार के शहरी विकास विभाग से जाँच की माँग की है।

मनोज केशन ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने नगर निगम द्वारा प्रतिदिन कचरा न उठाए जाने की शिकायत आयुक्त को फ़ोन (906544........) पर की थी। शिकायत सुनने के बजाय आयुक्त श्रीमान भड़क गए और अपमानजनक लहजे में कहा — "सीटी मैनेजर का नंबर न ढूंढिए, न ढूंढिए, न ढूंढिए..." तथा बार-बार ज़ोर देकर बोलते हुए फोन काट दिया।

श्री केशन ने यह भी बताया कि उन्होंने तत्काल घटना की सूचना संबंधित अधिकारी प्रमात जी को नंबर 07091........ पर दी और व्हाट्सऐप पर कचरे की तस्वीरें भी भेजीं। उन्होंने सवाल उठाया कि "क्या यह गैरकानूनी नहीं कि कोई अधिकारी इस तरह नागरिकों से दुर्व्यवहार करे?"

उन्होंने राज्य सरकार से माँग की है कि ऐसे अधिकारियों की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा ऐसे अधिकारियों के प्रोमोशन और अन्य सरकारी गतिविधियों में रोक लगाई जाए।

पत्र में उन्होंने लिखा —
"सरकार यह सुनिश्चित करे कि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधि या सामाजिक कार्यकर्ताओं से इस तरह का व्यवहार न करे।"

जी. मनोज केशन ने अपने पत्र के अंत में लिखा —
"जय हिंद 🇮🇳"

उनकी पदनाम सूची के अनुसार
वे इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राहुल गांधी यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त सचिव, एवं कई राष्ट्रीय-सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं।

इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में भी असंतोष देखा जा रहा है और वे नगर निगम प्रशासन से जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।

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