सड़क बनी 'खलिहान', रजौन में राहगीरों की जान जोखिम में डालकर फसलों की गहाई कर रहे किसान, हादसों को खुला निमंत्रण

सड़क बनी 'खलिहान', रजौन में राहगीरों की जान जोखिम में डालकर फसलों की गहाई कर रहे किसान, हादसों को खुला निमंत्रण

​रजौन, बांका :-रबी फसल की कटनी का मौसम आते ही रजौन प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक प्रचलन देखने को मिल रहा है। प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण सड़क मार्गों को स्थानीय किसानों ने 'मुफ्त का खलिहान' बना लिया है, जहां थ्रेसर या हार्वेस्टर का उपयोग करने के बजाय किसान अपने चना, सरसों, अरहर और मसूर जैसी फसलों को मुख्य सड़कों पर बिछाकर गुजरने वाले वाहनों के जरिए उनकी गहाई (थ्रेसिंग) कर रहे हैं। सुविधा के नाम पर अपनाई गई यह तकनीक न केवल यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ा रही है, बल्कि हर पल बड़े हादसों को भी दावत दे रही है। सड़कों पर फसलों का अंबार लगा होने के कारण राहगीरों, विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना काफी जानलेवा साबित हो रहा है, क्योंकि सड़क पर बिछी फसल और उसके अवशेषों के कारण टायर फिसलने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो यह प्रथा स्वयं किसानों के लिए भी घाटे का सौदा है, क्योंकि सड़क पर गहाई करने से अनाज में कंकड़, मिट्टी सहित वाहनों के पहियों की गंदगी आदि मिल जाती है, जिससे फसल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों गिर जाते हैं। इसके बावजूद रजौन प्रखंड में यह जानलेवा लापरवाही खुलेआम जारी है। इसे देखते हुए जागरूक नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर इस तरह के अतिक्रमण को तुरंत रोका जाए और किसानों को खेतों में ही सुरक्षित तरीके से थ्रेसिंग करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।

रिपोर्ट:- केआर राव 

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