योग का लक्ष्य है खुद को प्रकृति के साथ संयोजन करना और स्रोत की ओर लौटना।सिंधु-सरस्वती सभ्यता के जीवाश्म अवशेष प्राचीन भारत में योग की मौजूदगी का प्रमाण हैं।योगसूत्र में चित्त को एकाग्र करके ईश्वर में लीन करने का विधान है। योग समाज को चिंतामुक्त और तनाव मुक्त बनाती है| हमारे देश के ऋषियों ने इस शक्तिशाली योग विज्ञान को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैलाया जिसमें एशिया, उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका शामिल हैं। भारत को अपनी पूरी अभिव्यक्ति में योग प्रणाली को प्राप्त करने का आशीष मिला हुआ है। हम पिछले कई सालों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाते रहे हैं । इस साल की थीम है -“घर पर योग और परिवार के साथ योग” है ।आज बदलते हुए परिदृश्य के साथ-साथ खुद को बदलना होगा। हमें योग को अपने जीवन का एक हिस्सा बनाना होगा। स्वस्थ रहने के लिए हमें नियमित रूप से योग करना होगा।
अध्येता इतिहास ,गोण्डा ,उत्तर प्रदेश


