38 साल बाद महामारी के कारण पहली बार रुक गया कृष्णा बम की कांवर यात्रा

38 साल बाद महामारी के कारण पहली बार रुक गया कृष्णा बम की कांवर यात्रा


आमोद दुबे व्यूरो की रिपोर्ट ।
बांका: सावन के हर सोमवार को कोई भी परिस्थिति कृष्णा के कदम विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा बैजनाथ के दर्शन करने से नहीं रोक सके थे। मुजफ्फरपुर की कृष्णा सावन माह के हर सोमवार को सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल डाक बम के रूप में बाबा के दर्शन को पहुंचती थी लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण झारखंड सरकार ने देवघर मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। संक्रमण रोकने के लिए कृष्णा ने इस बार सावन के प्रत्येक  सोमवारी को घर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का निर्णय किया है।कृष्णा बम को कांवरिया पथ के लोग माता बम के नाम से भी पुकारते है। सावन ,के प्रत्येक रविवार को डाक बम के रूप में देवघर जाने के लिए अजगैबीनाथ आती थी  उसके दर्शन को शहर वासियों और कांवरिया की भीड़ उमड़ पड़ती है। ईटीवी भारत से मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने बताया कि शिव भक्ति से बड़ी पूजा संसार में कोई पूजा नहीं है। कोरोना काल में हर घर में शिवलिंग रखकर पूजा करना चाहिए। कृष्णा बम इस बार देवघर आती तो डाक बम के रूप में उनका 39 वर्ष होता। 2006 में सुल्तानगंज से देवघर दंड प्रणाम करते हुए दांडी बन कर भी बाबाधाम आ चुकी है।

 उन्होंने बताया कि सरकार का निर्णय सर्वोपरि है सभी भक्तों को इस बार घर में ही पूजा करनी चाहिए ताकि कोरोना जैसी महामारी का अंत हो सके। यदि सब ठीक-ठाक रहा तो अगले बस सभी को बाबा के दर्शन होंगे।