अधिकारिओं की मिली भगत से सरकारी जमीन को अनेक तरीको से कब्जाने का प्रयास



(मनीष कुमार )
आज जब हम गौ समृद्धि धाम में चल रहे विवाद की सच्चाई जानने नगदेहिया पहुंचे तो  पता चला की इस संग़ठन पर आरोप लगाने वाले शिवनाथ यादव ही विवाद को जन्म देने वाले मुख्य व्यक्ति है इन्होने जो आरोप लगाए थे की गौ समृद्धि धाम की गाय कसाईयो को बेचने का आरोप लगभग निराधार है क्यूंकि धाम के नजदीक किराना दूकान तथा अन्य लोगो ने शिवनाथ यादव की बातो से असहमति जताई खुद अपने व्यान में  शिवनाथ यादव ने स्वीकार किया की उससे यह बात गलती से निकल गई  ।
                जब शिवनाथ यादव से यह पुछा गया की उन्होंने जो जमीन धाम को दी थी वो जमीन कहाँ है और अब किसके नाम पर है इसपर जो जबाब मिला उसने पूरे सरकारी तंत्र की पोल खोल कर रख दी सच बात यह है की उपरोक्त जमीन पूर्णत: सरकारी जमीन है आश्चर्य की बात यह है की अभी तक सरकारी जमीं को कब्जाने और बेचने के मामले तो आपने सुने होंगे परन्तु  सरकारी जमीं को दान में देने वाले महायोद्धा तो शायद ही सुनने में आया हो और तो और शिवनाथ यादव ऐसे  व्यक्ति है जो सरकारी जमीन  को दान देने के एवज में एक निश्चित रकम भी लेते है और मिडिया मे सुर्खी  भी बटोर लेते है हालांकी शिवनाथ ने अपने सरकारी सह्योगियो  जानकारी नही दि परन्तु  सम्भव नही है कि बिना सरकारी सहयोग के ऐसा हो सके यह तो आगे कि जांच मे पता लगेगा राखी क त्योहार होने कि वजह से अन्चलाधिकारी क पक्ष सामने नही आ पाया  है परन्तु जल्द ही उनके पक्ष के साथ् चम्पारण नीति आपके पास होगा । 
Previous Post Next Post