सांस्कृतिक विरासत का, प्रतीक हिंदुस्तान ।
हम आजादी के दीवाने , मेरा देश महान ।।
भारत की बात निराली, हर सुविधा भरपूर ;
अपने दमखम के आगे, दुश्मन भी मजबूर ।
मेहनत का सम्बल यहां , संपदाओं की खान ;
हम आजादी के दीवाने , मेरा देश महान ।।
मुश्किल था लक्ष्य , दक्ष बन कर स्वीकार ;
सोनी सी गुलशन में , अब उन्नति की बहार ।
वीरों के सदकर्म से , संचित हुआ अरमान ;
हम आजादी के दीवाने , मेरा देश महान ।।
गरिमा मूल्यों के साथ , सदा मस्ती में जीते हैं ;
नई सुबह की रोशनी में, अमृत प्याला पीते हैं ।
मखमली मौसम फरहाद , तिरंगा मेरी आन ;
हम आजादी के दीवाने , मेरा देश महान ।।
- अमरजीत कुमार 'फरहाद'
(लेखक नासिक में सहायक लेखा अधिकारी हैं।)
नॉट : यह एक मौलिक रचना है।