साक्षात् नारी है भगवान
पुरी श्रृष्टि की दीवान
हिन्द हरि की संतान
सर्व धर्मो का उद्धस्थान
मेरा विद्या मंदिर लूट
चाहे लुटलो मेरा खान
जाते-जाते रू लुटा
दिखादी अपनी लू पहचान
स्वंकृतियो की पहचान
तेरे आत्म दंगे पैगाम
सुन ले रे सब बलवान
इमरान, हैदर,बाजवा या बान
सरहद पे अब नोचेंगे तेरे कान
यहा कंकर मे है राम
तु कितना भी बना हाफिज, हैदर,आस
हम बनाएंगे "तीस्ता ,कुमार विश्वास
तेरा नीति चमके खुब कंजाम
तो समझो कभी भुगतोगे अंजाम
ऐ जालिम छिछोरे बहुत हुई अब
सुनो साधु की गंभीर होगी अंजाम ।
सच मे मेरा देश महान ।।
- शैलेन्द्र कुमार 'साधू'