बांका: चांदन बेलहर एसडीपीओ के रूप में प्रेमचंद सिंह के योगदान के बाद चांदन के लोगों में इस बात की चर्चा जोर पकड़ गयी है कि क्या चांदन के बालू माफिया पर लगाम लग सकेगा। कुछ लोग यह तय मान रहे है कि नये एसडीपीओ के आने के बाद प्रखंड के बालू माफिया पर निश्चित रूप से रोक लगेगी पर कुछ लोग इसलिए सन्देह से देख कर रहे हैं क्योंकि इस बालू माफिया को चांदन थाने के ही कुछ कर्मचारी और चौकीदार मिलकर पैसे के बल पर बालू उठाने में अपना सहयोग देते हैं। इस प्रकार अगर ग्रामीण उसका विरोध भी करते हैं तो पुलिस समय पर नहीं पहुंच कर खुद उसे फोन से मना कर भागने का मौका दे देते है। हाल ही दिनों में एक बालू माफिया के ट्रैक्टर से एक पत्रकार बाल-बाल बच गया। लेकिन फोन करने के बावजूद पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची। और बालू माफिया भाग गया। नये एसडीपीओ के कड़े तेवर से आम जनता में उम्मीद जगी है कि अब बालू माफिया पर निश्चित रूप से अंकुश लगेगा ।और उसे सहयोग करने वाले चाहे कोई भी हो उसपर कानूनी शिकंजा कसेगा ।अब देखना यह है कि नए एसडीपीओ के लिए यह चुनौती कितनी कड़ी होती है।


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