बांका (जयपुर): बांका जिले के जयपुर थाना अंतर्गत कानीबेल गांव के दो सगे भाई की मौत ने पूरे जयपुर को दहला कर रख दिया है। गरीबी के कारण दोनों सगे भाई दोनों मनीचन्द मुर्मू 27 बर्ष, औऱ सोनेलाल मुर्मू 25 बर्ष, रोजाना की तरह राजमिस्त्री का काम करने अपनी मोटरसाइकिल से देवघर जा रहा था। रोजाना देवघर से ही मजबूरी कर दोनों भाई अपना और अपने परिवार का पेट पालते थे। पूरे परिवार में यही दोनों पुरुष कमाने वाले थे। मंगलवार सुबह भी दोनों भाई जब अपने घर से देवघर के लिए निकले तो परिवार को यह भरोसा था कि आज फिर कुछ कमाई करके ही आएंगे। लेकिन आई घर दोनों भाई की लाश। जिसे देखकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया। देवघर जाने के दौरान मोहनपुर थानांतर्गत घुटिया मोड़ पर मोटरसाइकिल सामने से आ रही एक तेल टैंकर के चपेट में आ गई। और दोनों भाई की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बाद में काफी मशक्कत के बाद पहचान करते हुए दोनों को अस्पताल और फिर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों सगे भाइयों की लाश एक साथ गांव पहुंचने पर गांव में मृतक के घर देखने वालों का तांता लग गया। हर कोई परिवार के बच्चों और महिलाओं के रोने की आवाज के बाद अपने आंसू भी नहीं रोक सके। बच्चे और परिवार के लोग अब भगवान भरोसे ही जीने की बात कह कर रो रहे है।
बांका (जयपुर): बांका जिले के जयपुर थाना अंतर्गत कानीबेल गांव के दो सगे भाई की मौत ने पूरे जयपुर को दहला कर रख दिया है। गरीबी के कारण दोनों सगे भाई दोनों मनीचन्द मुर्मू 27 बर्ष, औऱ सोनेलाल मुर्मू 25 बर्ष, रोजाना की तरह राजमिस्त्री का काम करने अपनी मोटरसाइकिल से देवघर जा रहा था। रोजाना देवघर से ही मजबूरी कर दोनों भाई अपना और अपने परिवार का पेट पालते थे। पूरे परिवार में यही दोनों पुरुष कमाने वाले थे। मंगलवार सुबह भी दोनों भाई जब अपने घर से देवघर के लिए निकले तो परिवार को यह भरोसा था कि आज फिर कुछ कमाई करके ही आएंगे। लेकिन आई घर दोनों भाई की लाश। जिसे देखकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया। देवघर जाने के दौरान मोहनपुर थानांतर्गत घुटिया मोड़ पर मोटरसाइकिल सामने से आ रही एक तेल टैंकर के चपेट में आ गई। और दोनों भाई की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बाद में काफी मशक्कत के बाद पहचान करते हुए दोनों को अस्पताल और फिर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों सगे भाइयों की लाश एक साथ गांव पहुंचने पर गांव में मृतक के घर देखने वालों का तांता लग गया। हर कोई परिवार के बच्चों और महिलाओं के रोने की आवाज के बाद अपने आंसू भी नहीं रोक सके। बच्चे और परिवार के लोग अब भगवान भरोसे ही जीने की बात कह कर रो रहे है।

