बेतिया।करोना महामारी में एक तरफ देश जहाँ आर्थिक संकट से गुज़र रहा है। युवा बेरोजगारी के संकट से जुझ रहे है। इस महामारी में गरीबों को पुछीये ही नहीं की उनकी क्या दसा होगी ? वहीं दुसरी तरफ चनपटीया प्रखंड अन्तगर्त दं घोघा पंचायत में जन है चर्चा है, की कुछ लोग दं घोघा पंचायत स्थित दुर्गा मंदिर निर्माण हेतु लाखों रूपया इकठ्ठा करने में लगे। क्या यह कहीं से भी उच्चीत है? विगत कुछ माह पहले यह गाँव बाढ़ का दंस झेल चुका है। खेतों में लगा धान की फसल बाढ़ से बर्बाद हो चुका है। अभी ग्रामीण एक समस्याओं से निकले ही नहीं की एक और बोझ डालने पहुँच गये । बता दे की चनपटीया प्रखंड के दं घोघा पंचायत के दुर्गा मंदिर जो की घोघा घाट जाने के क्रम में मिलता है। यह मंदिर पूर्व से ही निर्मित है । जन चर्चा है की कुछ धंधेबाज लोगों के द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव -2020 को देखते हुए। नेताओं से मंदिर के नाम पर मोटा रूपया उसूली के फिराक में है। इन सभी धंधेबाजो का कार्य पूर्व से चला आ रहा है। बस यह मोटा रूपया के फिराक में है। जिसका यह मौका तलाश रहे थे। सायद यह मौका इन्हें हाथ लगा हैं।
जानकारी के अनुसार अभी तक यह कई मीटिंग कर चुके हैं, तथा दं घोघा पंचायत के लोगों पर मंदिर निर्माण हेतु । लोगों से रूपयों की माँग ग्रामीण के घर -घर घुम कर रहे है। ज्ञात हो की इस मंदिर के नाम से नहीं कोई संगठन रजिस्टर्ड है, ना ही कोई बैंक एकाउंट है। मंदिर निर्माण हेतु रूपयों का माँग करने वालों में कई का नाम शामिल है।आखिर इस महामारी में मुहँ पर बिना मास्क लगाये। इन्हें लोगों से मंदिर निर्माण हेतु लाखों रूपया उसूली का अधिकार किसने दिया है? यह लोग आखिर किस कानुन के तहत लोगों से रुपयों का माँग कर रहे हैं ?
कानूनी जानकारों की माने तो मंदिर के नाम से बिना किसी संगठन और बिना मंदिर के एकाउंट के लाखों रुपया मंदिर निर्माण हेतु लाखों से उसूली करना गैर -कानूनी है। समाचार प्रकाशित होने के बाद अब यह देखना यह बेहद खास होगा की पुलिस -प्रशासन इन पर क्या कार्यवाही करता है ?
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