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 बांका: जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय के गौरीपुर पंचायत अंतर्गत गांव तुर्की और गौरीपुर के 75 कामगार एक बस पर सवार होकर बुधवार शाम को सूरत के लिए रवाना हो गए। यह सभी कामगार लॉकडाउन के दौरान अपने अपने काम छोड़कर या फैक्ट्री के बंद हो जाने से अपने-अपने घर आ गए थे। इसमें से अधिकतर मजदूर गुजरात के सूरत में हीरा फैक्ट्री सहित अन्य जगहों पर काम करते थे। लॉकडाउन में घर आने के बाद इनको उम्मीद थी कि कम से कम सरकार के द्वारा घोषणा के अनुरूप काम मिल जाएगा। जिससे परिवार का पालन पोषण हो सकेगा।पर इनको कोई काम नही मिलने से परिवार पालना भी कठिन हो गया।और सभी ने फिर से गुजरात जाने का निर्णय लिया।उसके लिए फेक्ट्री के तरफ से ही लक्सरी बस भेजा गया।जिससे सभी एक साथ बिना किसी मास्क और शारीरिक दूरी का पालन किये एक बस से 75 कामगार चले गए।इन्हें विदा करने के लिए बड़ी संख्या में पारिवारिक सदस्य भी उस बस के पास जमा थे। इस सम्बंध में गौरीपुर के शंभु राउत,मदन कुमार, सुरेश दास,पप्पू दास ने बताया कि सरकार से काम मिलने की कोई उम्मीद नही दिख रही है।जिससे परिवार पालना मुश्किल हो गया है।ऐसे में मालिक के बुलावे पर हमलोग फिर अपने काम पर जा रहे है।


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