बांका: बांका जिले में इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव के पांचों सीटों के लिए आधी आबादी लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसको लेकर बड़ी संख्या में बूथों पर केवल महिला कर्मी ही नजर आएगी । ईवीएम चलाने से लेकर राइफल के साथ सुरक्षा तक की जिम्मेदारी उनकी होगी। महिलाएं ही बूथ पर अंगुली में अमिट स्याही भी लगाएगी और मतदाता को कतार में खड़ी करने के साथ सेनेट्राइजेशन औऱ मास्क तक वितरण करेगी। मतदान के दौरान विधि व्यवस्था की समस्या पर भी उसकी ही निगरानी होगी ।इसके लिए बड़ी संख्या में महिला कर्मी और दंडाधिकारी भी बनाया गया है। करीब 180 सखी बूथों पर मतदान के लिए केवल महिला कर्मी को ही तैनात किया गया है। इन बूथों पर पीठासीन पदाधिकारी से लेकर सभी मतदान कर्मी, गस्ती दंडाधिकारी, तक महिलाएं ही होगी। इन बूथों पर सुरक्षा का जिम्मा भी महिला पुलिस जवानों को ही सौंपी गई है। इसकी पहली झलक लोगों को पहली बार 28 को होने वाले विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। आम चुनाव में इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में महिला को मतदान की ड्यूटी में नहीं लगाया गया था। पिछले दो चुनाव में महिला सशक्तिकरण के नाम पर विधानसभा चुनाव में पांच पांच बूथों को सखी बूथ बनाया गया था। लेकिन इस बार हर विधानसभा में सखी बूथों की संख्या 50 हो गई है। पहले चरण के बाँका में 4520 मतदान केंद्रों पर सफलतापूर्वक मतदान के लिए अट्ठारह सौ के करीब महिला कर्मियों को नियुक्ति पत्र निर्गत कर दिया गया है। जिसमें 180 सखी बूथों के लिए 800 महिला कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा कोई कई बूथ ऐसे हैं जहां महिला और पुरुष दोनों मिलकर पूरा निर्वाचन कार्य का संपादन करेगी। इसमें इस बात पर ध्यान दिया गया है कि बाजार और यातायात की सुविधा वाले और सड़क किनारे वाले बूथों पर महिलाओं की तैनाती की जाए ।



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