रजौन के सिंहनान पंचायत अंतर्गत कैथा पोखर से खुदाई के क्रम में निकले भगवान बुद्ध की शीलापट को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने लिया कब्जे में, बिहार विरासत विकास पटना असिस्टेंट रिचर्स मैन ने पहुंच कर ली जानकारी

रजौन के सिंहनान पंचायत अंतर्गत कैथा पोखर से खुदाई के क्रम में निकले भगवान बुद्ध की शीलापट को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने लिया कब्जे में, बिहार विरासत विकास पटना असिस्टेंट रिचर्स मैन ने पहुंच कर ली जानकारी

(रजौन): रजौन प्रखंड के सिंहनान पंचायत अंतर्गत भगवानपुर गांव के उत्तर दिशा स्थित कैथा पोखर की खुदाई के क्रम में भगवान बुद्ध का आकर्षक तीन फीट 45 सेंटीमीटर यानी 45 इंच का शीलापट मिला था। सूचना पर शनिवार की देर रात बीडीओ गुरुदेव प्रसाद गुप्ता,सीओ निलेश कुमार चौरसिया,पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार,थानाध्यक्ष बुद्धदेव पासवान ने सशस्त्र बलों के साथ पहुंचकर घंटों कैंप करते हुए खुदाई के क्रम में प्राप्त हुए शीला पट को कब्जे में लेकर थाना अभिरक्षा में रखवा लिया था। इस क्रम में पुलिस प्रशासन ने कैथा पोखर मिट्टी खुदाई कर उठाव परिसर से तीन पोकलेन एवं पांच हाईवा संवेदक का जब्त  किया है।बीडीओ ,सीओ एवं पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया जब्त किए गए तीन पोकलेन को पोखर के भिंड पर जब्त करते हुए चौकीदार की तैनाती कर दी गई है। जबकि  जब्त किए गए पांच हाईवा को  कार्यस्थल से जब्त करते हुए थाना पुलिस अभिरक्षा में प्रखंड मुख्यालय परिसर में लगवा दी गई है। जिला प्रशासन एवं सीआईडी विभाग द्वारा सरकार एवं पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई थी। जिसके आलोक में रविवार को थाना परिसर में रखे गए शीलापट का बिहार विरासत विकास सचिवालय पटना से असिस्टेंट रिचर्स मैन डॉ.अमित रंजन ने गहराई से पुरातत्व यंत्र विद्या के माध्यम से जांच पड़ताल करने में जुटे हुए हैं। बिहार विरासत विकास सचिवालय पटना के कार्यपालक निदेशक डॉ विजय कुमार चौधरी ने बताया कि प्राप्त शीलापट का स्टडी किया जा रहा है।स्टडी कार्य पूर्ण होने के बाद ही भगवान महावीर या गौतम बुद्ध का शीलापट के बारे में बताया जा सकता है ।वही जानकार इतिहासकारों का कहना है यह शीलापट भगवान गौतम बुद्ध का ही है। वहीं रविवार को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के टीम ने  जर्नलिस्ट प्रशांत सिंह एवं वरिष्ठ पत्रकार कुमुद रंजन राव के साथ एडिशन यादव,गौरव कुमार,प्रियरंजन उर्फ लालू,प्रत्यूष परमार्थ, दिवाकर ठाकुर,अमित झा, शिवमणि वेलफेयर एडुकेशनल सोसाइटी सचिव शिवपूजन सिंह, जय किशोर आदि ने भगवानपुर,कैथा पोखर से लेकर चांदन नदी के पश्चिमी छोर भदरिया पहुंच कर जायजा लिया है।जायजा लेने के क्रम में शीला पट प्राप्त हुए कैथा पोखर में भगवानपुर,कैथा, गोपालपुर सहित कई गांव के काफी संख्या में पुरुष महिला एवं बच्चे का जमावड़ा पड़ा हुआ था। भगवानपुर गांव के रुदल पासवान,विजय पासवान,गोपाल दास,श्रीकांत गुप्ता,सुरेंद्र कुमार साह, राजेंद्र साह,गौरी यादव, सुनील यादव सहित कई गांव के पुरुष महिलाओं ने बताया कि पोखर की मिट्टी संवेदक द्वारा जेसीबी एवं पोकलेन से खुदाई कर चांदन नदी के पश्चिमी छोर भदरिया गांव स्थित गौतम बुद्ध का प्राप्त हुए प्रतिमा स्थल पर ट्रैक्टर आदि से ले जाया करता था।इसी बीच शनिवार को खुदाई के क्रम पोखर के सुरंग से भगवान गौतम बुद्ध का शीलापट,ईट,मिट्टी से निर्मित मिटभाड़ सहित अन्य सामग्री प्राप्त हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पोखर की खुदाई के क्रम में जो मिट्टी निकल रहा है उस मिट्टी में जरा भी अंश कंकड़ आदि का नहीं है।पोखर से मिट्टी हाथ में लेकर बता रहे थे इस तरह का मिट्टी गंगा नदी का भी मिट्टी नहीं होता है।पोखर की खुदाई के क्रम में प्राप्त हुए ईट में मवेशी के खुर का प्रतीक चिन्ह प्राप्त हुए। इससे साफ जाहिर हो रहा है दो हजार वर्ष पूर्व इस पोखर में गौतम बुद्ध या महावीर भगवान का कर्मभूमि रहा होगा या अनुयायी रहे होंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि मुगलकालीन शासकों द्वारा भग्नावशेष को ध्वस्त करते हुए खुदाई कर पोखर का रूप दे दिया  होगा।ग्रामीणों ने बताया इस पोखर पर आधिपत्य भागलपुर पंखा टोले के मु.मुईन खां ने कब्जा जमा कर रखा है।सीओ निलेश कुमार चौरसिया ने बताया कैथा मौजा में अवस्थित तालाब का खाता 117, खसरा 36, रकबा चार एकड़ 12 डिसमिल भिंड एवं खसरा 37, रकबा तीन एकड़ 67 डिसमिल पोखर का शून्य भाग है।दोनों खसरे की कुल सात एकड़ 79 डिसमिल जमीन बिहार सरकार गैर मजरूआ आम के रूप में सरकारी खतियान एवं जमाबंदी में दर्ज है।पटना से आए हुए बिहार विरासत विकास सचिवालय असिस्टेंट रिचर्स मैन ने थाना परिसर में रखे हुए शीलापट का जायजा लेने के उपरांत शाम करीब 5:30 बजे प्राप्त हुए स्थान पर कैथा पोखर प्रस्थान कर गए। असिस्टेंट रिचर्स मैन डॉ अमित रंजन के साथ स्थानीय प्रशासन अध्ययन में लगे हुए हैं। आसपास के गांव के पुरुष महिलाओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं सरकार से अमरपुर भदरिया चांदन नदी के तर्ज पर कैथा पोखर सहित इर्द गिर्द स्थानों की खुदाई कराते हुए मानचित्र पर लाने की मांग की है इलाके के ग्रामीणों ने बताया भदरिया चांदन नदी के पूर्वी तट से महज एक से दो किलोमीटर दूरी पर फिर पोखर खुदाई में शीलापट प्राप्त हुआ है। ग्रामीणों ने बताया शनिवार को भारी संख्या में लोगों ने भगवान समझ कर पूजा-अर्चना भी की थी। वही स्थानीय लोगों ने अच्छे से खुदाई कर उत्खनन स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है।
रिपोर्ट:  कुमुद रंजन राव

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