लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा में सादगी और पवित्रता सबसे महत्त्वपूर्ण:गरिमा

*:-वार्ड 24 समेत नगर के पांच सौ से ज्यादा छठव्रती परिवारों के बीच किया पूजा सामग्री का वितरण,*

*:-सैकड़ों  छठ व्रतियों के बीच लोक आस्था के महापर्व की विशेषताओं पर विस्तार से डाला प्रकाश*



बेतिया:नगर निगम की निवर्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने लाल बाजार स्थित अपने आवासीय कार्यालय में वार्ड 24 सहित शहर के 500 से ज्यादा छठव्रती परिवारों के बीच दउरा, सूपली, बनारसी साड़ी, नारियल, गागल, अनानास, ईंख, आदी, मूली, सिंदूर, अगरबती, अर्घी पत्ता, मटर, साठी का चावल, बतासा, केला, सेव, सिंघाड़ा, लौंग-इलायची, सुथनी, सुपारी के अलावें छठव्रतियों के लिये वस्त्र में बनारसी साड़ी आदि छठ व्रतियों के लिये उपयोगी सामानों 500  से भी अधिक परिवारों के बीच वितरण किया। इस मौके पर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष इसकी सादगी और पवित्रता है। भक्ति और आध्यात्म से परिपूर्ण इस पर्व में बांस निर्मित सूप, टोकरी, मिट्टी के बर्त्तनों, गन्ने का रस, गुड़, चावल और गेंहू से निर्मित प्रसाद और कर्णप्रिय मधुर लोकगीतों से युक्त होकर लोक जीवन की भरपूर मिठास बांटने वाला व्रत है। उन्होंने कहा शास्त्रों से अलग यह जन सामान्य द्वारा अपने रीति-रिवाजों के रंगों में गढ़ी गयी उपासना पद्धति है। यह पौराणिक धर्मग्रन्थों का महत्व नहीं होकर लोकजीवन की सामाजिक मान्यताओं पर आधारित महाव्रत है। इस व्रत के लिए ना तो बहुत धन की आवश्यकता होती है नाही पुरोहित या गुरु की ही। मौके पर सुमन देवी सिकारिया, अनामिका सिकारिया, नवेन्दु चतुर्वेदी का वितरण में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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