इस्लामाबाद, एएनआइ। द टाइम्स आफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान की पुतिन से मुलाकात वैसे समय में हुई, जब कई पश्चिमी देशों ने कुछ घंटे पहले ही रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का एलान किया था। रही-सही कसर इमरान के एक वीडियो संदेश ने पूरी कर दी, जिसमें वह बहुत ही प्रसन्नता के साथ कह रहे हैं कि पुतिन से मुलाकात का यह सही समय है। इन बातों ने पश्चिमी ताकतों को पाकिस्तान से नाराज कर दिया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उत्साह व उम्मीदों के साथ रूस का रुख किया था, लेकिन जब वह वापस लौटे तो उनका हाथ पूरी तरह खाली था। दूसरी तरफ, यूक्रेन पर हमले के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात ने अमेरिका को नाराज कर दिया है। यह नाराजगी अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस के उस बयान में भी जाहिर हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को यूक्रेन पर रूसी हमलों और इस संबंध में अमेरिकी रुख से अवगत करा दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका, पाकिस्तान से इसलिए भी नाराज है, क्योंकि वह लगातार चीन के करीब होता जा रहा है। चीन को अमेरिका अपना विरोधी समझता है, क्योंकि वह मौन रूप से रूस का समर्थन कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया भी इमरान खान के रूसी दौरे की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
इमरान के रूस दौरे से जहां उनके पार्टी के नेता आश्चर्यचकित हैं, वहीं विपक्षी दलों को उनकी राजनीतिक व कूटनीतिक सूझ पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है। इमरान के रूस दौरे से पहले यूक्रेन में पाकिस्तान के राजदूत नोएल इजरायल खोखर ने एक बयान देकर अपने देश को शर्मसार कर दिया था। 21 फरवरी को यूक्रेन के प्रथम उप विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान खोखर ने यूक्रेन की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखने में मदद का भरोसा दिया था। कई विश्लेषकों ने पाकिस्तान को चेताया था कि उसे अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मदद की जरूरत है और रूस अभी खुद संकट के दौर से गुजर रहा है। यात्रा की सार्थकता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि दोनों देशों के बीच किसी समझौता पत्र तक पर हस्ताक्षर नहीं हुआ।

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