दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभूगंज(बांका): प्रखंड क्षेत्र के कसबा पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। जिसपर ना तो प्रखंड के संबंधित पदाधिकारी का नजर है और ना ही जिला के ही संबंधित पदाधिकारी का। योजनाओं में बरती जा रही धांधली के कारण गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। ऐसा नही की योजनाओं में गड़बड़ी की जानकारी प्रखंड के संबंधित पदाधिकारी व पंचायत के रोजगार सेवक को नही है। बल्कि जानकारी रहने के बावजूद कमीशन के चक्कर में सारी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के कसबा पंचायत के छोटी महिसौथा गांव के वार्ड संख्या 2 में मनरेगा योजना से बुढ़वा डाढ़ की खुदाई की जा रही है। जिसके लिए 9 लाख 96 हजार की प्राक्वलन राशि तैयार की गई है। जहां इस कार्य के अभिकर्ता पंचायत रोजगार सेवक विनय कुमार है। इस दौरान मनरेगा योजना से हो रहे बुढ़वा डांढ़ की खुदाई में घोर अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणो की माने को इस डांढ़ की खुदाई के बदले छिलाई की जा रही है। और तो और कार्यस्थल पर बिना योजना बोर्ड लगाए ही कार्य शुरू करवा दी गई है। ग्रामीणो का कहना है कि इस निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा व्यापक पैमाने पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस योजना की शुरूआत करने के पूर्व न तो कार्यस्थल पर योजनाओं से संबंधित बोर्ड लगाया गया है और न ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है। जब भी ग्रामीण कार्य स्थल पर गुणवत्तापूर्ण व प्राक्वलन के मुताबिक कार्य कराने की मांग करते है तो संवेदक के द्वारा रंगदारी मांगने सहित कार्य रोकने का आरोप लगाकर झुठे केश में फंसा देने की धमकी देते है। पंचायत प्रतिनिधियो व पीआरएस के साथ साथ संबंधित कनीय अभियंता की मिली भगत से बुढ़वा डांढ़ की खुदाई के नाम पर सिर्फ़ छिलाई कर राशि की लुट करने की संस्कृति तैयार कर लिया है। मनरेगा योजना में की जा रही लुट को देखकर आक्रोशित लोगो ने बांका डीएम से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने व दोषी पर कारवाई करने की मांग किया है। इधर इस संबंध में पुछे जाने पर कसबा पंचायत के पीआरएस विनय कुमार ने बताया की मनरेगा योजना स्थल पर योजना बोर्ड लगाकर ही निर्माण कार्य कराया जाएगा, और कार्य गुणवत्तापूर्ण रूप से की जा रही है।

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