प्रथम संस्था बांका द्वारा जिले की दो किशोरियों को कराया गया मुंबई विजिट, वहां कार्यरत कामगारों की दयनीय स्थिति को देखकर हुए दुःखी

प्रथम संस्था बांका द्वारा जिले की दो किशोरियों को कराया गया मुंबई विजिट, वहां कार्यरत कामगारों की दयनीय स्थिति को देखकर हुए दुःखी

बांका : जिले के किशोरियों में नेतृत्व की क्षमता और उनमें बाल संरक्षण से सम्बंधित मुद्दों की भावना विकसित करने के उद्देश्य से प्रथम संस्था द्वारा जिले के दो किशोरियों को चयनित कर मुंबई शहर के एक्सपोजर विजिट के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च से 14 मार्च 2022 तक के लिए परिभ्रमण पर ले जाया गया था। जो वहां से वापस लौटकर आ गई है। जानकारी के अनुसार मुंबई एक्सपोजर विजिट पर जाने के लिए बांका जिले की दो किशोरी स्वाति प्रिया और नीलू कुमारी का चयन किया गया था, जो वर्तमान समय में स्नातक की पढ़ाई कर रही है। इस परिभ्रमण में भेजने से पूर्व किशोरियों के अभिभावकों से सहमति पत्र भी लिया गया था। किशोरियों को प्रथम संस्था द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। यह परिभ्रमण किशोरियों के लिए एक ऐसा सुनहरा मौका था जहाँ वो मुंबई शहर में वैसे क्रियान्वित सरकारी व गैर सरकारी व्यवस्था से रूबरू हुए जो बाल संरक्षण से संबंधित मुद्दों पर मुंबई में कार्यरत हैं। उनके द्वारा बाल अधिकार से सम्बंधित चर्चा एवं वो किस प्रकार काम करती हैं उनसे प्रेरणा लेने के लिए बच्चियों को ये परिभ्रमण करवाया गया। प्रथम संस्था की सोच थी, बच्चे सिखने के साथ-साथ अपने उन शौक को भी पूरा करे जिसे वो हकीकत में जीना चाहते हैं। किशोरियों को मुंबई के प्रेरणा संस्था की संस्थापक प्रीति पाटकर, प्रथम संस्था की संस्थापक फरीदा लाम्बे, निदेशक किशोर भामरे, केन्द्रीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सह एनसीपी प्रमुख शरद पवार, बारामती के सांसद सुप्रिया सुले, प्रथम मुंबई के किशोरियों, बाल संसद के बच्चों व संस्था के कार्यरत सभी सदस्यों से रूबरू करवाया गया। किशोरियों को मुंबई के भायखला और मदनपुरा के बैग व जरी कारखानों में भी भ्रमण करवाया गया, जहाँ किशोरियों ने काम कर रहे बच्चों एवं कारीगरों से मुलाकात कर उनके हालातों एवं संघर्षों की जानकारी ली। उसके बाद नागपाड़ा एवं अग्रिपाड़ा पुलिस थाना में भ्रमण कर वहाँ के अधिकारियों से मुलाकात और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी से उनके कार्य करने के तरीके और बच्चों के अधिकार पर जानकारी लिया। जानकारी के अनुसार स्वाति प्रिया जिले के रजौन प्रखंड के मोरामा-बनगांव पंचायत के पुनसिया बस्ती में मदर टेरेसा किशोरी समूह की अध्यक्षा हैं, इन्होंने अपने गांव में कोविड-19 टीकाकरण के लिए अपने पंचायत की किशोरियों के बीच जागरूकता, बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, बाल विवाह के लिए अपने गांव में जागरूकता करना जैसे अनेकों मुद्दे पर काम कर रही है, इन्हें महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इनके समूह द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। वहीं नीलू कुमारी जिले के बांका प्रखण्ड अंतर्गत दुधारी पंचायत के दुधारी गांव की कल्पना चावला किशोरी समूह की अध्यक्षा है। ये बराबर अपने गांव की विभिन्न समस्याओं को अपने पंचायत के मुखिया सहित अन्य प्रतिनिधियों के बीच में बेहद प्रखरता से रखती रही हैं। किशोरियों के बीच बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं शिक्षा से जोड़ने के लिए ये काफी प्रयासरत भी रहती हैं। स्वाति प्रिया और नीलू ने बताया कि मुंबई के कारखानों में काम रहे कामगारों और वहाँ रह रहे लोगों की रहने की दयनीय व्यवस्था को देखकर वे काफी व्याकुल हो गई। वहां लोगों की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने तय किया कि वो अपने किशोरी समूह द्वारा हर संभव प्रयास करेंगी कि उनके गाँव-समाज से कोई बच्चा काम करने के लिए बाहर दूसरे शहरों में ना जाए। साथ ही उन्होंने बताया कि शिक्षा सबके लिए जरुरी है, क्योंकि शिक्षा मिलने से ही हमें अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिलती है। वहीं प्रथम संस्था बांका के सदस्यों ने बताया कि परिभ्रमण कर ये बच्चियां पूर्ण रूप से ऊर्जावान हुई है, अब ये अपने समाज से बाल विवाह सहित बाल संरक्षण के कई मुद्दे को ध्यान में रखते हुए अपनी पढ़ाई करते हुए सामाजिक कुरीतियों को दूर करेंगे।
रिपोर्ट:केआर राव 

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