15 सूत्री मांगों को लेकर मुखिया संघ का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन प्रखंड मुख्यालय में हुआ संपन्न

15 सूत्री मांगों को लेकर मुखिया संघ का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन प्रखंड मुख्यालय में हुआ संपन्न

रजौन, बांका : बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के आह्वान पर ग्राम पंचायतों के अधिकारों में की जा रही कटौती के खिलाफ विगत 16 अगस्त से 31 अगस्त तक जारी राज्य व्यापी हड़ताल एवं कार्य बहिष्कार के क्रम में 22 अगस्त दिन मंगलवार को प्रखंड के सभी 18 पंचायतों के मुखिया एवं मुखिया संघ के पदाधिकारियों ने प्रखंड मुख्यालय आईटी भवन के सामने आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस सम्बंध में रजौन प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह, सचिव प्रवीण कुमार सिंह आदि ने बताया कि पंचायती राज विभाग लगातार ग्राम पंचायत के अधिकारों का हनन कर रही है, इसी को लेकर 22 अगस्त दिन मंगलवार को रजौन प्रखंड मुखिया संघ के बैनर तले प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया तथा अपने 15 सूत्री मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है। मुखिया संघ के 15 सूत्री मांगों में से ग्राम पंचायत को 73वां संविधान संशोधन प्रदत 29 अधिकारों को पूर्ण रूपेण ग्राम पंचायत को सौंपने, ग्राम सभा की रक्षा हेतु पारित निर्णय का अनुपालन सुनिश्चित कराने, ग्राम सभा से चयनित योजनाओं को प्राथमिकता देने एवं सरकार को ग्राम सभा में अनावश्यक हस्तक्षेप बंद करने, मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाईट योजना ब्रेडा असफल होने को लेकर इसे पुनः ग्राम पंचायत को सौंपने, पंचायत सरकार भवन के निर्माण में एलईएओ असफल साबित हुई है, इसे हटाकर ग्राम पंचायतों को पंचायत सरकार भवन क्रियान्वयन का जिम्मा देने, मुख्यमंत्री नल जल योजना कार्य पूरी तरह से बाधित होने को लेकर इसे पीएचईडी से हटाकर पुन: वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति को सौंपने, पंचायतों में बंद पड़े कबीर अंत्येष्ठी योजना को चालू करने, सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा के पेंशन को गति प्रदान करने, ग्राम पंचायतों को जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने का अधिकार पुनः प्रदान करने, अपराधियों के द्वारा हत्या कर दिए गए मुखिया के परिजनों को सरकार 50 लाख रूपए मुआवजा देने के साथ-साथ स्पीड ट्रायल के माध्यम से दोषियों को अविलम्ब सजा दिलाने, बढ़ते अपराध को देखते हुए त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों को सुरक्षा मुहैया कराने, त्रिस्तरीय पंचायती राज में प्रतिनिधि को वेतन भत्ता एवं पेंशन लागू करने, ग्राम पंचायत को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए दो आदेशपाल एवं रात्रि प्रहरी की नियुक्ति करने, पंचायत सचिव की कमी को यथाशीघ्र दूर करने तथा सभी प्रखंड कार्यालय में मुखिया संघ के लिए भवन मुहैया कराना शामिल है। इस दौरान प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह मझगांय-डरपा पंचायत के मुखिया मृत्युजंय कुमार, प्रखंड मुखिया संघ के उपाध्यक्ष सह भवानीपुर-कठौन पंचायत के मुखिया मनोज कुमार दास, प्रखंड मुखिया संघ के सचिव सह ओड़हारा पंचायत के मुखिया प्रवीण कुमार सिंह, सिंहनान पंचायत के मुखिया रविंद्र वर्मा, खैरा पंचायत की मुखिया रानी देवी, संझा-श्यामपुर पंचायत की मुखिया आशा देवी, राजावर पंचायत की मुखिया बबिता देवी, धौनी-बामदेव पंचायत की मुखिया अनुपम कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार सिंह उर्फ टिंकू सिंह, कठचातर-लीलातरी पंचायत की मुखिया प्रियंका कुमारी, चिलकावर पंचायत की मुखिया मोनिका कुमारी, नवादा-खरौनी पंचायत की मुखिया आरती देवी, पड़घड़ी-लकड़ा पंचायत की मुखिया चंदा रानी, तिलकपुर पंचायत के मुखिया श्रवण मंडल, धाय-हरना पंचायत के मुखिया नेशात आवर, अमहारा-हरचंडी पंचायत के मुखिया भैरो सिंह कुशवाहा, मोरामा-बनगांव पंचायत के मुखिया रणवीर यादव, सकहारा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अरुण कुमार सिंह, रजौन पंचायत की मुखिया रंजना देवी सहित अन्य उपस्थित थे।
रिपोर्ट:के आर राव 

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