सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने सेवा बस्ती में पहुंचकर मनाया रक्षाबंधन, रक्षा का लिया प्रण

सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने सेवा बस्ती में पहुंचकर मनाया रक्षाबंधन, रक्षा का लिया प्रण

रजौन, बांका : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पूरे वर्ष भर में मनाए जाने वाले 6 महत्वपूर्ण उत्सवों (गुरु पूजन, दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजन, दीपावली, रक्षाबंधन, वर्ष प्रतिपदा एवं मकर संक्रांति) में रक्षाबंधन भी शामिल है। इस दिन स्वयंसेवकों द्वारा भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधकर उसकी रक्षा का संकल्प लिया जाता है। संघ द्वारा रक्षाबंधन उत्सव को सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करने एवं सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी कड़ी में गुरुवार 31 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रजौन खंड के स्वयंसेवकों ने रजौन बाजार स्थित सेवा बस्ती में पहुंचकर रक्षाबंधन उत्सव मनाने के साथ-साथ सामाजिक विषमता एवं जातिवाद व वर्ण भेद को समाप्त करने की दिशा में एक अच्छी पहल की शुरुआत की। इस दौरान संघ के जिला सेवा प्रमुख अमरेंद्र कुमार, खंड सामाजिक सद्भाव प्रमुख दिलीप कुमार मंडल, खंड बौद्धिक शिक्षण प्रमुख डॉ. प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार सिंह, सोनू कुमार सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सेवा बस्ती के महिलाओं, युवतियों एवं बच्चियों से अपने कलाई पर विधिवत राखी बंधवाकर उनके हाथों से मिठाई ग्रहण करते हुए उन्हें दक्षिणा देने के साथ-साथ मौके पर सेवा बस्ती के महिला-पुरुष व बच्चों के हाथों में रक्षा सूत्र को बांधते हुए उनकी रक्षा का भी प्रण लिया। इस सम्बंध में संघ के जिला सेवा प्रमुख अमरेंद्र कुमार एवं खंड बौद्धिक शिक्षण प्रमुख डॉ. प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेवा बस्ती में रक्षाबंधन उत्सव मनाने का उद्देश्य सामाजिक व आर्थिक रूप से वंचित वैसे लोग जो उत्सव अनुकूल अपनी इच्छा की पूर्ति नहीं कर पाते उनके मन में समरसता का भाव लाना है। संघ ने हमेशा विविधता में एकात्मकता के भाव को अपना आदर्श माना है, एकात्मकता के लिए समाज में समरसता होना जरूरी है तथा समस्त हिन्दू समाज को साथ लेकर चलना ही संघ का मुख्य ध्येय है।

रिपोर्ट:केआर राव 

Post a Comment

0 Comments