अशोक शास्त्री (बेतिया) प. च. ...... वाह ! फिर से शुरु हुई हत्या, बलात्कार, बेरोजगारी और भूखमरी की मार हो रहे है आम-आवाम परेशान और गाँव से आये लोगों की लूटी जा रही फिर अपराध, छिनतई, बलात्कार। प्रखंड आशा कार्यकर्त ओ
छिनतई की शिकार बनी " आशा कविता देवी "
byashok shashtri
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