बांका:चांदन प्रखंड में चल रहे सर्वे में बड़े पैमाने पर किसानों का आर्थिक दोहन होने औऱ लगातार शिकायत के बाबजूद कोई सुनवाई नही होने से आक्रोशित आम जनता की मांग पर सर्वे के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत 13 अक्टूबर को शुरू हो रहा है। इसके अंतर्गत प्रखंड के सभी 17 पंचायत के मुखिया के नेतृत्व में प्रखंड कार्यालय परिसर में जन आंदोलन किया जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए मुखिया संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार एंव पूर्व प्रमुख पलटन प्रसाद यादव ने बताया कि जबसे सर्वे का काम शुरू हुआ है। तब से आम किसान परेशान है। कोई भी काम बिना पैसे का नही किया जाता है। जबकि किसान सारे कागजात के साथ सारा सबूत पेश करने के बाबजूद राशि की मांग की जाती है। और राशि नही देने पर जमाबंदी औऱ दखल से बंचित करने की धमकी दी जाती है। इसलिए कुछ गरीब किसान अपने जानबर,घर का गहना बेच कर अपनी जमीन बचाने के लिए अनाप शनाप मांग पूरा करते है। अगर कोई किसान सर्वे अमीन एंव अन्य कर्मी से कोई सवाल जबाब करता है तो उसे पुलिस की धमकी दी जाती है।इस प्रकार आम किसान आर्थिक दोहन का शिकार हो रहे है। इसी अवैध वसूली के लिए सिलजोरी के कसई गांव में ग्रामीणों ने बंधक बना रखा था। जिसके बाद सीओ औऱ सर्वे के पदाधिकारी के अनुरोध पर उसे छोड़ा गया था। और दुबारा ऐसी शिकायत नही होने की बात कही गयी थी। लेकिन इस सभी अमीन औऱ सर्वे कर्मी के आदत में कोई बदलाव नही हुआ। इसलिए अब पंचायत प्रतिनिधि आंदोलन को मजबूर है। 13 अक्टूबर को होने वाली विशाल प्रदर्शन में सभी पंचायत के मुखिया अपने पंचायत के अधिक से अधिक किसान को लाने के लिए प्रचार प्रसार किया जा रहा है। उसके बाद भी अगर सुधार नही होता है तो अन्य तरह का आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध में पूछने पर सीओ प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि कुछ शिकायते मिली है। जिसकी जानकारी सर्वे के पदाधिकारी को दे दिया गया है।जांच में सच्चाई सामने आने पर दोषी खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाएगी।

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