बांका: चांदन
प्रखंड मुख्यालय के मिस्त्री टोला निवासी रविकुमार शर्मा ने बीपीएससी 67 वी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि पूरे प्रखंड के नाम भी रोशन किया।रवि कुमार शर्मा ग़रीबी में पला औऱ बड़ा हुआ। उसके पिता अरुण शर्मा काफी नेकदिल इंसान है। जो आग की तपिश के बीच लोहे का छोटा मोटा सामान बना कर उसे बाजार में बेच कर अपना परिवार पालता था। लेकिन अपने बेटे को इस धंधे से दूर रखकर उसे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया। उसी का परिणाम है कि उसके पुत्र ने यह सफलता हासिल किया है। रवि इससे पूर्व जसीडीह में रेलवे डाक विभाग में कार्यरत था । वहां रहते हुए उसने बीपीएससी की तैयारी की और उसे सफलता भी मिली। अब वह रेलवे की नौकरी छोड़कर बिहार में कल्याण पदाधिकारी के रूप में कार्य करेगा। उसके इस चयन पर उसके पिता अरुण शर्मा औऱ माता सुनीता देवी काफी खुश है वे कहते है कि मुझे काफी खुशी है कि मेरे पूरे समाज में मेरा पुत्र एक अच्छा रिजल्ट लेकर आया है। इसका एक भाई शिव शंकर शर्मा मां बांका व्यवहार न्यायालय में कार्यरत है। दोनों भाइयों की इस सफलता पर उसके पिता अरुण शर्मा और माता सुनीता देवी की खुशी देखते ही बनता है। वही सफलता प्राप्त करने वाले रवि कुमार शर्मा का कहना है कि मैं माता-पिता औऱ अपने भाई के आशीर्वाद से यहां तक पहुंच पाया हूं ।और सदा ही उनका आशीर्वाद मुझे मिलता रहेगा ।साथ ही साथ अपने शिक्षकों को भी उन्होंने इस सफलता का श्रय दिया है। रवि कुमार की सफलता पर गरिमा संस्था के अध्यक्ष अभयचन्द्र आजाद,मुखिया अनिल मंडल, प्रमुख रवीश कुमार, समाजसेवी रामचन्द्र मिस्त्री,पत्रकार आमोद कुमार दुबे,जयकांत राय,अमरेंद्र, शलेन्द्र सहित अन्य ने बधाई दिया है।
प्रखंड मुख्यालय के मिस्त्री टोला निवासी रविकुमार शर्मा ने बीपीएससी 67 वी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि पूरे प्रखंड के नाम भी रोशन किया।रवि कुमार शर्मा ग़रीबी में पला औऱ बड़ा हुआ। उसके पिता अरुण शर्मा काफी नेकदिल इंसान है। जो आग की तपिश के बीच लोहे का छोटा मोटा सामान बना कर उसे बाजार में बेच कर अपना परिवार पालता था। लेकिन अपने बेटे को इस धंधे से दूर रखकर उसे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया। उसी का परिणाम है कि उसके पुत्र ने यह सफलता हासिल किया है। रवि इससे पूर्व जसीडीह में रेलवे डाक विभाग में कार्यरत था । वहां रहते हुए उसने बीपीएससी की तैयारी की और उसे सफलता भी मिली। अब वह रेलवे की नौकरी छोड़कर बिहार में कल्याण पदाधिकारी के रूप में कार्य करेगा। उसके इस चयन पर उसके पिता अरुण शर्मा औऱ माता सुनीता देवी काफी खुश है वे कहते है कि मुझे काफी खुशी है कि मेरे पूरे समाज में मेरा पुत्र एक अच्छा रिजल्ट लेकर आया है। इसका एक भाई शिव शंकर शर्मा मां बांका व्यवहार न्यायालय में कार्यरत है। दोनों भाइयों की इस सफलता पर उसके पिता अरुण शर्मा और माता सुनीता देवी की खुशी देखते ही बनता है। वही सफलता प्राप्त करने वाले रवि कुमार शर्मा का कहना है कि मैं माता-पिता औऱ अपने भाई के आशीर्वाद से यहां तक पहुंच पाया हूं ।और सदा ही उनका आशीर्वाद मुझे मिलता रहेगा ।साथ ही साथ अपने शिक्षकों को भी उन्होंने इस सफलता का श्रय दिया है। रवि कुमार की सफलता पर गरिमा संस्था के अध्यक्ष अभयचन्द्र आजाद,मुखिया अनिल मंडल, प्रमुख रवीश कुमार, समाजसेवी रामचन्द्र मिस्त्री,पत्रकार आमोद कुमार दुबे,जयकांत राय,अमरेंद्र, शलेन्द्र सहित अन्य ने बधाई दिया है।



0 Comments
आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...