पंकज सिंह की रिपोर्ट
संग्रामपुर (मुंगेर) प्रखंड क्षेत्र में लोक आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू हो चुका है | जिसका आज तीसरा दिन है जो की खरना के रूप में कल मनाया गया | जहां खरना अरवा चावल , दूध , गुड , केला , इत्यादि का प्रसाद बनाकर भगवान भास्कर को चढ़ने के बाद व्रती अल्प प्रसाद ग्रहण की , इस दिन निर्जला उपवास की शुरुआत हो जाती है |वही छठ पर्व का तीसरा दिन आज रविवार को सबसे कठिन होता है | आज दिन छठ व्रतियों का निर्जला उपवास प्रारंभ हो जाता है और इसी दिन छठ व्रतियों द्वारा पूजा के दौरान इस्तेमाल में लाया जाने वाला ठेकुआ , केला , नारियल , मूली , सेब , नारंगी इत्यादि चीजों से सजाकर नए बांस के बने सूप में रखकर शाम के वक्त डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य श्रद्धालु अर्पित करते हैं|जबकि छठ का चौथा दिन कार्तिक मास शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि यानि सोमवार को होता है | इस दिन अहले सुबह भगवान भास्कर के उदयीमान स्वरूप को अर्घ दिया जाता है | सुबह के वक्त भी श्रद्धालु स्नान ध्यान कर छठ घाट पहुंचते हैं अग्र मैं शुद्ध जल एवं गाय के दूध का इस्तेमाल करते हैं एवं बाद प्रसाद वितरण जय कर पारन करती हैं इस तरह छठ पर्व का समापन भी हो जाता है|


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