दीपावली, काली पूजा एवं छठ महापर्व को लेकर रजौन बाजार सहित ग्रामीण इलाके के हाट बाजारों में उमड़ी भीड़

दीपावली, काली पूजा एवं छठ महापर्व को लेकर रजौन बाजार सहित ग्रामीण इलाके के हाट बाजारों में उमड़ी भीड़

रजौन, बांका : प्रकाश पर्व दीपोत्सव, काली पूजा एवं लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी जोरशोर से चल रही है। बता दें कि शुक्रवार 10 नवंबर को धनतेरस, शनिवार 11 नवंबर को छोटी दीपावली तथा रविवार 12 नवंबर को दीपोत्सव दीपावली है। इसी कड़ी में बुधवार को रजौन एवं नवादा बाजार का हाट का दिन रहने की वजह से दोनों स्थानों पर दिनभर दीपावली व छठ महापर्व की खरीददारी को लेकर लोगों की काफी भीड़ लगी रही। प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हाट बाजारों में मिट्टी के दीए, मोमबत्ती एवं लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों एवं पटाखों की जमकर बिक्री हुई। माता लक्ष्मी की पूजा को लेकर लोगों ने विशेष रूप से मिट्टी के दीये एवं मोमबत्ती की जमकर खरीदारी की। वहीं सबसे ज्यादा भीड़ मिट्टी के दीये और सनसनाठी की खरीदारी के लिए लगी रही। दीपोत्सव पर्व को लेकर बाजारों में सभी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में महंगाई पर आस्था भारी दिख रही है। इस दौरान लोगों ने दीपावली की उपयोगी सामान की खरीदारी को लेकर देर संध्या तक बाजारों में जमे रहे। हाट बाजारों में छठ महापर्व को लेकर सुप 150 से 180 रुपए जोड़े, नारियल 60 से 80 रुपए जोड़े, गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा 60 से 150 रुपए, मिट्टी के दीये 10 रुपए में 12 पीस, ढिबरी वाला मिट्टी के दीये 5 रुपया पीस के हिसाब से बिक रहे थे। वहीं बुधवार को रजौन एवं नवादा हाट में अधिकांश सब्जियों का कीमत काफी आसमान पर रहा। हाट में टमाटर 50 से 60 रुपया किलो, मूली 30 रुपए किलो, फूलगोभी 20 से 30 रुपए पीस, बंधा गोभी 30 रुपए किलो बिक रहे थे। मालूम हो दीपावली 12 नवंबर दिन रविवार को मनाए जाने के बाद काली पूजा 13 एवं 14 नवंबर, 17 नवंबर दिन शुक्रवार को नहाय खाय कद्दू-भात के साथ शुरू होने वाले छठ महापर्व का खरना 18 नवंबर दिन शनिवार, डूबते हुए सूर्य को पहली अर्घ्य 19 नवंबर दिन रविवार तथा 20 नवंबर दिन सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्यदान के साथ छठ महापर्व संपन्न हो जाएगा।

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