गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की पेंशन योजना को लेकर 6 अक्टूबर को धरना

गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की पेंशन योजना को लेकर 6 अक्टूबर को धरना


बेतिया : महात्मा गांधी की कर्मभूमि चम्पारण से "पत्रकार सत्याग्रह" की शुरुआत होने जा रही है। बिहार सरकार ने पत्रकार पेंशन को बढ़ाकर ₹15,000 प्रतिमाह करने की घोषणा की है, लेकिन यह लाभ केवल कुछ पत्रकारों तक सीमित है। लगभग 40 हजार ग्रामीण पत्रकार अब भी पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और मान्यता से वंचित हैं।

इसी मुद्दे पर 6 अक्टूबर (सोमवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बेतिया समाहरणालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर लाल बाजार स्थित जोड़ा शिवालय मंदिर परिसर में बैठक हुई, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की गई।

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ग्रामीण पत्रकारों को भी पेंशन योजना में शामिल किया जाए, पंचायत से संसद स्तर तक पत्रकार आयोग बने, स्वास्थ्य योजनाएं लागू हों, पेंशन के लिए सेवा अवधि 20 से घटाकर 10 वर्ष तथा उम्र सीमा 60 से घटाकर 50 वर्ष की जाए। साथ ही जिला स्तर पर पत्रकार एसोसिएशन को अधिवक्ताओं की तरह मान्यता देने की मांग की गई।

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति पश्चिम चंपारण अध्यक्ष मधुकर मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कदम नहीं उठाया तो चंपारण से उठी यह आवाज पूरे बिहार में आंदोलन का रूप लेगी। बैठक में वरिष्ठ फोटो पत्रकार सूर्य प्रकाश पांडेय,विनय कुमार,  सत्येंद्र पांडेय, संजय कुमार राव समेत कई पत्रकार उपस्थित रहे।

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