रजौन में 'जल पर्याप्त' और 'स्वच्छ-हरित' गांव बनाने पर जोर, एलएसडीजी प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिनिधियों ने सीखे गुर​

रजौन में 'जल पर्याप्त' और 'स्वच्छ-हरित' गांव बनाने पर जोर, एलएसडीजी प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिनिधियों ने सीखे गुर​

रजौन,बांका :- पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार रजौन प्रखंड मुख्यालय में चल रहे 'सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण' पर आधारित तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को भी गहमागहमी रही। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी आकांक्षा प्रियदर्शिनी के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में आज मुख्य रूप से थीम नंबर- 4 जल पर्याप्त ग्राम एवं थीम नंबर- 5 स्वच्छ एवं हरित ग्राम पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रदान एनजीओ के ट्रेनर हिटलर कुमार ने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने 'जल पर्याप्त ग्राम' थीम के तहत वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), पेयजल की सुलभता और पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार एवं रख-रखाव के तकनीकी पक्ष रखे। वहीं, 'स्वच्छ एवं हरित ग्राम' थीम के अंतर्गत गांव में कचरा प्रबंधन, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योजनाओं को केवल धरातल पर उतारना ही काफी नहीं है, बल्कि संबंधित पोर्टल पर सही समय पर डाटा एंट्री करना भी अनिवार्य है। पंचायत प्रतिनिधियों और डेटा ऑपरेटरों को योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करने के गुर सिखाए गए। प्रतिभागियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपने पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। इस मौके पर रजौन प्रखंड प्रमुख रूबी कुमारी, प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, उपाध्यक्ष मनोज दास, सचिव प्रवीण कुमार सिंह, मुखिया संघ कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार उर्फ टिंकू सिंह, रजौन पंचायत की मुखिया रंजना देवी सहित सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव और डाटा ऑपरेटर आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

रिपोर्ट :- केआर राव 

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