अमहारा में आस्था का सैलाब: 5 जनवरी से निराहार दर्शन दे रहे 'नाग देवता', सपेरे की बीन फेल, दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़

अमहारा में आस्था का सैलाब: 5 जनवरी से निराहार दर्शन दे रहे 'नाग देवता', सपेरे की बीन फेल, दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़

रजौन,बांका :- प्रखंड अंतर्गत नवादा बाजार सहायक थाना क्षेत्र के अमहारा गांव स्थित शिवालय के पास इन दिनों आस्था और कौतूहल का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार 5 जनवरी के आसपास से ही यहां एक सांप लगातार एक निश्चित समय पर अपने बिल से बाहर निकलता है। यह सिलसिला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच चलता है, जब नाग देवता बाहर आते हैं, अपना फन फैलाकर चारों तरफ देखते हैं और मंदिर परिसर में करीब आधा से एक घंटा विचरण करते हैं। इस अद्भुत दृश्य को अपनी आंखों से देखने के लिए अब न केवल अमहारा गांव, बल्कि आसपास के कई ग्रामीण इलाकों से भी लोगों की भारी भीड़ यहां पहुंच रही है। आस्था का आलम यह है कि लोग श्रद्धा-भाव से बिल के निकट बर्तन में दूध और प्रसाद रखते हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि यह सांप कुछ भी खाता-पीता नहीं है और बिना कुछ ग्रहण किए ही वापस अपने बिल में चला जाता है। इस घटना में रहस्य तब और गहरा गया जब ग्रामीणों ने एक सपेरे को बुलाया। सपेरे ने काफी कोशिश की और बीन बजाई, लेकिन सांप बाहर नहीं आया। मगर ताज्जुब देखिये, जैसे ही सपेरा वहां से गया, सांप अपने नियत समय पर बाहर निकल आया और भक्तों को दर्शन दिए। सेवानिवृत्त शिक्षक रामविलास सिंह, लखपति मंडल, गणपति मंडल, पिंटर मंडल और कृष्णदेव ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों का मानना है कि महाशिवरात्रि के निकट होने और सांप का इस तरह निराहार रहना भगवान भोलेनाथ या नाग देवता का साक्षात संकेत है। इसी आस्था के चलते अब ग्रामीण यहां नाग मंदिर बनवाने की बात भी कह रहे हैं।

रिपोर्ट :- केआर राव 

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