रजौन,बांका : रजौन प्रखंड का कोना-कोना इन दिनों धर्म और अध्यात्म के रंग में सराबोर है। प्रखंड के दो अलग-अलग गांवों में चल रहे भव्य धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है, जहां एक ओर आसमानीचक में शिव महापुराण के मंत्र गूंज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लकड़ा गांव श्रीमद्भागवत कथा की अमृतवर्षा से निहाल हो रहा है। इन दोनों ही आयोजनों में न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। विदित हो कि आसमानीचक में बीते 8 फरवरी से ही शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ की अविरल धारा बह रही है। इसके शुभारंभ पर 251 कलशों के साथ एक ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई थी। यहां मुख्य यजमान ग्रामीण मनोज कुमार सिंह और उनकी धर्मपत्नी विनीता देवी के संकल्प के साथ सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित गिरधारी पाठक एवं पंडित गौरव कृष्ण पाठक अपने मुखारविंद से शिव महिमा का बखान कर रहे हैं। यहां कथा का आयोजन प्रतिदिन दो सत्रों में हो रहा है, जिसमें प्रथम सत्र प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक और द्वितीय सत्र संध्या 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक चलता है, जिसका समापन आगामी 14 फरवरी को होगा। वहीं दूसरी ओर पड़घड़ी-लकड़ा पंचायत के लकड़ा गांव स्थित पंचवटी मां कल्याणी आश्रम में सोमवार (9 फरवरी) से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। यहां दिन में 301 कलशों और गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जबकि संध्या बेला में कथा मंच का विधिवत उद्घाटन पंचायत की मुखिया चंदा रानी ने फीता काटकर किया। इस मौके पर जदयू प्रदेश सचिव सह मुखिया प्रतिनिधि मनोज सिंह, रजौन दक्षिणी जिला परिषद सदस्य मुकेश कुमार सिंह, पूर्व जिप सदस्य उमेश कुमार उर्फ पप्पू वर्मा, जदयू मीडिया सेल के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार चौधरी, प्रखंड मुखिया संघ सचिव प्रवीण कुमार सिंह, पूर्व मुखिया आनंदी सिंह, बमशंकर चौधरी और मंच संचालक सीताराम सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनका आयोजन समिति द्वारा गर्मजोशी से फूलमाला व अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया। लकड़ा में आयोजित इस अनुष्ठान के मुख्य यजमान अनुज कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी सोनी देवी हैं और कथा व्यास के रूप में वाराणसी से पधारे आचार्य दिनकर जी महाराज आगामी 16 फरवरी तक कथा की अमृत वर्षा करेंगे। यहां भी कथा दो सत्रों में चल रही है, जहां प्रातःकालीन सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और संध्याकालीन सत्र शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित है। फिलहाल, आसमानीचक और लकड़ा दोनों ही स्थानों पर आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ समस्त ग्रामवासी तन-मन से जुटे हुए हैं और पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' और 'राधे-राधे' के जयघोष से गुंजायमान है।
रिपोर्ट:- केआर राव
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