रजौन में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शंखनाद: घर-घर जाकर आशा खिलाएंगी दवा, खाली पेट सेवन वर्जित

रजौन में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शंखनाद: घर-घर जाकर आशा खिलाएंगी दवा, खाली पेट सेवन वर्जित

​रजौन,बांका :- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रजौन में मंगलवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (एमडीए) का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले इस महाअभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया (हाथीपांव) से बचाव की दवा खिलाएंगी। अभियान की जानकारी देते हुए रजौन सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि अगले 14 दिनों तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 2 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को निःशुल्क एल्बेंडाजोल दवा अपने सामने खिलाएंगी। इसके अलावा तीन दिनों तक विद्यालयों में भी बूथ लगाकर बच्चों को दवा दी जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि दवा हमेशा खाना खाने के बाद ही खिलाई जाए; खाली पेट इसका सेवन किसी भी परिस्थिति में नहीं कराना है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एल्बेंडाजोल की गोली को पानी से निगलने के बजाय चबाकर खाना अनिवार्य है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लाभार्थी स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा का सेवन करें, इसे बाद में खाने के लिए अपने पास न रखें। ​उन्होंने लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए कहा कि दवा खाने के बाद यदि सिरदर्द, हल्का बुखार, उल्टी या बदन पर चकत्ते जैसी समस्याएं हों, तो घबराएं नहीं। यह दवा के असर करने और शरीर में मौजूद परजीवियों के मरने का संकेत है। ऐसी स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हालांकि, 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। ​इस मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक अल्पना, बीसीएम विष्णुदेव कापरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता मौजूद थे।
रिपोर्ट :- केआर राव 

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