विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से बदलेगी गांवों की सूरत, डीडीसी ने मीडिया संवाद में साझा किए नए कानून के लाभ

विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से बदलेगी गांवों की सूरत, डीडीसी ने मीडिया संवाद में साझा किए नए कानून के लाभ

)​बांका :- जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा बुधवार को बांका में उप विकास आयुक्त उपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य "भ्रम बनाम तथ्य (Myth Vs Fact) तथा रोजगार से परिसम्पत्ति तक" के विजन को स्पष्ट करना था। इस अवसर पर एनईपी निदेशक सतीश कुमार और लेखा प्रशासन एवं स्व नियोजन इकाई के निदेशक श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संवाद के दौरान उप विकास आयुक्त उपेंद्र सिंह ने बताया कि तेजी से बदलते 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संसद द्वारा पारित "विकसित भारत जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम 2025" ग्रामीण भारत की नींव को सशक्त करने वाला है। उन्होंने अधिनियम से जुड़े विभिन्न भ्रमों को दूर करते हुए स्पष्ट तथ्यों को साझा किया और बताया कि इस कानून की सबसे बड़ी विशेषता ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी है। इसमें किसानों की जरूरतों का विशेष ख्याल रखते हुए फसल बुआई और कटाई के समय 60 दिनों के अवकाश का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की कमी न हो और खेती व मजदूरी के बीच एक बेहतर संतुलन बना रहे। ​प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने जानकारी दी कि अब रोजगार की मांग के उपरांत काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी में देरी होने पर मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान है, जो श्रमिकों के अधिकारों को मजबूती प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान 'रोजगार से परिसम्पत्ति' के संकल्प को दोहराते हुए डीडीसी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत अब केवल अस्थायी प्रकृति के कार्य नहीं होंगे, बल्कि जल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी टिकाऊ सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी रूपरेखा 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' और पीएम गति शक्ति जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से तैयार की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, एआई आधारित विश्लेषण और सैटेलाइट मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और रियल टाइम मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने के लिए बजट सीमा को भी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अधिनियम न केवल ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि समावेशी विकास के जरिए विकसित भारत 2047 के विजन को धरातल पर उतारने में मील का पत्थर साबित होगा।

रिपोर्ट:- के आर राव 

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