बांका :- नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय 'पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026' के गौरवशाली मंच पर बिहार की बेटी और प्रगतिशील महिला उद्यमी बिनीता कुमारी ने राज्य का मान बढ़ाया है। बुधवार (25 फरवरी) को आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिनीता कुमारी को उनके विशिष्ट नवाचारों के लिए प्रतिष्ठित 'IARI-फेलो फार्मर' (अध्येता किसान) सम्मान से नवाजा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष इस प्रतिष्ठित श्रेणी में बिहार से चुनी जाने वाली वह एकमात्र किसान हैं। 25 से 27 फरवरी तक चलने वाले इस 'किसानों के महाकुंभ' की थीम "विकसित कृषि-आत्मनिर्भर भारत" रखी गई है। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) नई दिल्ली के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव, संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. रविंद्र नाथ पडारिया, प्रभारी (कैटेट) डॉ. ए.के. सिंह सहित देश भर के कई अन्य गणमान्य अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित थे। बांका जिले के झिरबा गांव की रहने वाली बिनीता कुमारी ने मशरूम उत्पादन को एक घरेलू स्तर से शुरू कर अत्याधुनिक वैज्ञानिक इकाई तक पहुंचाया है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 'धान के दानों पर आधारित मशरूम स्पॉन (बीज) तकनीक' का विकास करना है, जो पारंपरिक गेहूं आधारित पद्धति का एक सशक्त और किफायती विकल्प बनकर उभरा है। उन्होंने अब तक केवीके, आत्मा और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लगभग 13,000 किसानों को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वावलंबन की राह दिखाई है। बिनीता कुमारी न केवल मशरूम उपजा रही हैं, बल्कि ऑयस्टर, बटन और मिल्की मशरूम के मूल्यवर्धित उत्पाद जैसे अचार और पापड़ बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों मिले इस सम्मान ने बिनीता कुमारी की उपलब्धियों में एक और स्वर्ण अध्याय जोड़ दिया है। उन्हें पूर्व में भी 'जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार' (2017) और 'नवोन्मेषी कृषक पुरस्कार' (2021) जैसे कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष की जीत है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करती देश की लाखों महिला किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।
रिपोर्ट : केआर राव
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