डीएन सिंह महाविद्यालय भूसिया के विकास को लगे पंख, कुलपति ने किया अत्याधुनिक बहुउद्देशीय प्रशाल का भव्य उद्घाटन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजे उच्च शिक्षा के स्वर

डीएन सिंह महाविद्यालय भूसिया के विकास को लगे पंख, कुलपति ने किया अत्याधुनिक बहुउद्देशीय प्रशाल का भव्य उद्घाटन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजे उच्च शिक्षा के स्वर


​रजौन, बांका : स्थानीय दीपनारायण सिंह महाविद्यालय, भूसिया, रजौन के इतिहास में 13 मार्च का दिन एक स्वर्णिम मील का पत्थर साबित हुआ, जब परिसर में आधुनिकता और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक अवसर के लिए महाविद्यालय परिसर को अत्यंत आकर्षक तरीके से सजाया और संवारा गया था। कार्यक्रम में शिरकत करने आए अतिथियों का स्वागत बैंड-बाजे की मधुर ध्वनि के बीच फूलों की वर्षा कर भव्य तरीके से किया गया। साथ ही, दोनों माननीय कुलपतियों को महाविद्यालय के एनसीसी कैडेटों द्वारा ससम्मान 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। ​शुक्रवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा एवं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा एवं मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानंद सिंह ने संयुक्त रूप से महाविद्यालय की दूसरी मंजिल पर निर्मित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 'बहुउद्देशीय प्रशाल' (मल्टीपर्पज हॉल) का उद्घाटन विधिवत शिलापट अनावरण कर और फीता काटकर किया। इससे पूर्व अतिथियों ने पहली मंजिल पर नवनिर्मित बीबीए, बीसीए और लाइब्रेरी साइंस के विशेष कक्षों का भी उद्घाटन कर छात्रों को नई सौगात दी। उद्घाटन के पश्चात "बिहार की उच्च शिक्षा में सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालयों का योगदान" विषय पर एक गरिमामयी राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं स्वागत गान से हुआ। इस दौरान महाविद्यालय की स्मारिका का भी लोकार्पण किया गया। ​संगोष्ठी के दौरान टीएमबीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा ने महाविद्यालय के निरंतर बढ़ते शैक्षणिक स्तर की सराहना करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार है और यह नवनिर्मित प्रशाल शोध व नवाचार के लिए नए द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में व्याप्त पुरानी खामियों को दूर करने के अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए हरसंभव समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानंद सिंह ने कहा कि सम्बद्ध महाविद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने की मुख्य धुरी हैं। विशेष रूप से, रजौन प्रखंड के पड़घड़ी के मूल निवासी होने के कारण डॉ. सिंह काफी भावुक नजर आए और उन्होंने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए क्षेत्र से अपने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने टीएमबीयू कुलपति एवं प्राचार्य से डीएन सिंह महाविद्यालय में बीएड की पढ़ाई शुरू कराने की पुरजोर मांग भी रखी। ​संगोष्ठी की शुरुआत करते हुए टीएमबीयू के सिंडिकेट सदस्य सह महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव डॉ. मृत्युंजय प्रसाद सिंह 'गंगा' ने विषय प्रवेश कराया, वहीं प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रशाल को एक क्रांतिकारी कदम बताया। विशिष्ट अतिथि एमएलसी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने सम्बद्ध महाविद्यालयों की समस्याओं और समाधानों पर गहराई से चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद सदस्य डॉ. डीपी सिंह ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन डॉ. नवीन निकुंज ने अपने ओजस्वी शब्दों से किया। ​इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ​कार्यक्रम के अंत में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद सिन्हा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस भव्य आयोजन से न केवल कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिली है, बल्कि समूचे क्षेत्र को बौद्धिक संवाद के लिए एक बेहतर मंच प्राप्त हो गया है। इस अवसर पर टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपू महतो, बीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध प्रसाद सिंह, विश्वविद्यालय निरीक्षक डॉ. रंजना दुबे व डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सिंह, महादेव सिंह कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह, ताड़र कॉलेज के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, अद्वैत मिशन के चेयरमैन अरविंदाक्षण माडम्बथ, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अचल भारती, टीएमबीयू एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल कुमार, डीएन सिंह कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. महेश प्रसाद सिंह, प्रो. जयकुमार राणा, प्रो. जीवन प्रसाद सिंह, डॉ. प्रताप नारायण सिंह, प्रो. सुनील कुमार चौधरी, प्रो. राकेश दास, प्रो. दिलीप कुमार सिंह, जदयू प्रदेश सचिव मनोज सिंह, प्रखंड डीलर संघ के अध्यक्ष देवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव, सिकंदर प्रसाद यादव, मान सिंह, दिवाकर यादव, प्रदीप कुमार सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य शिक्षाविद, प्रबुद्धजनों और राजनीतिज्ञों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

रिपोर्ट : के. आर. राव

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