रजौन,बांका :- रजौन थाना मार्ग स्थित राजवनेश्वरनाथ धाम में नौ दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ का मंगलवार को भव्य आगाज हो गया। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के प्रथम दिन प्रातः 9 बजे यज्ञस्थल से गाजे-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। 751 कलशों के साथ निकली यह यात्रा रजौन बाजार के मुख्य मार्ग से होते हुए बद्रीनारायण धाम कुटिया परिसर पहुंची, जहां यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री व अन्य विद्वान पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा-अर्चना कर कलशों में जल भरा गया। विशेष सराहनीय पहल यह रही कि इस भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति के सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने अपने निजी पानी टैंकरों से तपती सड़क मार्ग को पानी से भिगोकर शीतल किया, ताकि पदयात्रियों को गर्मी से राहत मिल सके। इसके पश्चात शोभायात्रा रजौन सब्जी हाट स्थित चैती दुर्गा-काली मंदिर और मोदी हाट दुर्गा मंदिर का भ्रमण करते हुए पुनः यज्ञस्थल पर संपन्न हुई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री राम' के जयकारे लगाते हुए नाचते-झूमते चल रहे थे। भगवा ध्वज लिए युवाओं की टोली और पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने यात्रा की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं का मीठे जल से स्वागत किया और समापन पर महाप्रसादी का वितरण किया गया। वहीं दोपहर करीब 3:30 बजे श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी अगमानंद जी महाराज के सूक्ष्म सानिध्य में यज्ञ की मुख्य रस्में शुरू हुईं। यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री के दिशा-निर्देश में ब्रजेश मिश्र, सूरज झा, मनीष तिवारी, नारायण झा, लक्ष्मण मिश्र, राजीव तिवारी, अजीत पांडेय, मनोरंजन चौधरी एवं डब्लू मिश्रा सहित कुल 21 विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंडप प्रवेश, वेदी पूजन और देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसी के साथ नौ दिवसीय अखंड-हरिनाम संकीर्तन का भी शुभारंभ हो गया। वहीं अनुष्ठान के कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन दो सत्रों में प्रातः 8 से 12 और दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक यज्ञ हवन व पूजन कार्य होंगे। इसके अतिरिक्त दोपहर 12 बजे से महंत राधे मिस्त्री का प्रवचन, दोपहर 1 बजे से बालमुकुंद पाठक द्वारा शिव महापुराण कथा और संध्या 7:30 बजे से ओंकारेश्वर जी द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष बासुकीनाथ सिंह और उनकी धर्मपत्नी सारिका सिंह मुख्य यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। श्रद्धालुओं के आकर्षण के लिए यज्ञ स्थल पर 51 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही मेले में नाव, झूला और ब्रेक डांस जैसे मनोरंजन के साधन उपलब्ध हैं। इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए उपाध्यक्ष देवनंदन श्रीवास्तव, सचिव प्रदीप कुमार सिंह, उप सचिव निरंजन उर्फ पप्पू यादव, कोषाध्यक्ष राजेंद्र साह के अलावे सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. जयकुमार राणा, प्रो. जीवन प्रसाद सिंह, डॉ. प्रताप नारायण सिंह, धार्मिक उद्घोषक अश्विनी श्रीवास्तव, राजनाथ सिंह, हरि सिंह, आशु, जितेंद्र, स्कंद, प्रियरंजन, ललन, बजरंग, अर्पित, प्रीतम, मौसम, सचिन सहित समस्त रजौन वासी पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।
रिपोर्ट:-के आर राव
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