भूकंपरोधी भवन निर्माण के लिए रजौन में राजमिस्त्रियों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

भूकंपरोधी भवन निर्माण के लिए रजौन में राजमिस्त्रियों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

​रजौन,बांका :-रजौन प्रखंड मुख्यालय स्थित विवाह भवन परिसर में मंगलवार को भूकंपरोधी भवन निर्माण को बढ़ावा देने और स्थानीय राजमिस्त्रियों की कार्यकुशलता में सुधार लाने के उद्देश्य से 10 दिवसीय गैर-आवासीय आरपीएल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बिहार सरकार के बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बीएसडीएमए) के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का संचालन भावसर फाउंडेशन संस्था द्वारा किया जा रहा है, जिसके तहत क्षेत्र के 30 चुनिंदा राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी मकान बनाने की सैद्धांतिक और व्यावहारिक बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रखंड मुख्यालय स्थित विवाह भवन परिसर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन रजौन की अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा ने दीप प्रज्वलित करने के साथ ही प्रतिभागियों के बीच प्रशिक्षण पुस्तिका आदि का वितरण कर किया। इस मौके पर संस्था के प्रशिक्षक राकेश मंडल ने अंचलाधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उद्घाटन सत्र के दौरान अंचलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से सीधा संवाद करते हुए इस ट्रेनिंग के दूरगामी फायदों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित निर्माण के जरिए समाज को प्राकृतिक आपदाओं के खतरों से बचाया जा सकता है और इस नेक काम में राजमिस्त्रियों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने सभी मिस्त्रियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सफल प्रशिक्षण के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अंचल प्रधान सहायक प्रफुल्ल कुमार सिंह, प्रशिक्षक राकेश मंडल और केंद्र प्रबंधक राजेश कुमार भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि 10 दिनों तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण के दौरान सभी 30 मिस्त्रियों को सीखने के लिए इंडक्शन किट, प्रतिभागी पुस्तिका और काम के लिए जरूरी आधुनिक टूल किट पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति पर सभी प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल होने वाले प्रतिभागियों को बकायदा आधिकारिक प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रेनिंग के दिनों में मिस्त्रियों की दिहाड़ी और मजदूरी का नुकसान न हो, इसका ख्याल रखते हुए प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी उत्तीर्ण प्रतिभागियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में वेतन हानि की राशि का सम्मानजनक भुगतान भी किया जाएगा।

रिपोर्ट:- केआर राव 

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