बरौनी में 35 करोड़ की वीयर परियोजना पर उठा सवाल: नदी से अवैध बालू उठाव का आरोप, विधायक मनीष कुमार ने डीएम और खनन विभाग को कराया अवगत

बरौनी में 35 करोड़ की वीयर परियोजना पर उठा सवाल: नदी से अवैध बालू उठाव का आरोप, विधायक मनीष कुमार ने डीएम और खनन विभाग को कराया अवगत

रजौन,बांकाब:-रजौन प्रखंड अंतर्गत बरौनी गांव के निकट अवस्थित दो मुहान कतरिया-राजदांड़ नदी पर बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से कतरिया नदी पर वीयर एवं राजदांड़ पर क्रॉस रेगुलेटर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसमें नदी से अवैध रूप से बालू उठाव किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर धोरैया विधायक मनीष कुमार ने गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण करने के साथ-साथ जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार विधायक अपने क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बरौनी गांव के दलित टोला पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि वीयर निर्माण कार्य करा रहे संवेदक द्वारा स्थानीय नदी से ही भारी मात्रा में बालू निकालकर निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है और लगभग 500 हाइवा या ट्रक बालू नदी से उठाए जाने के कारण अब गांव के लोगों को छोटे-मोटे निर्माण कार्यों के लिए भी बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक मनीष कुमार तत्काल निर्माणाधीन वीयर स्थल पहुंचे और वहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया ग्रामीणों की शिकायत सही प्रतीत हो रही है, क्योंकि स्थल पर देखने से स्पष्ट लगा कि नदी से बड़े पैमाने पर बालू का उठाव कर निर्माण कार्य में उपयोग किया गया है। विधायक ने साफ तौर पर कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि संवेदक द्वारा नियमों का उल्लंघन कर अवैध खनन किया गया है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर ही जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला एवं खनन विभाग के अधिकारियों को दूरभाष पर मामले की जानकारी देते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया। वहीं दूसरी ओर जदयू किसान एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह उर्फ विनोद सिंह ने भी संवेदक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीणों द्वारा पहले भी उन्हें इस संबंध में सूचना दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने संवेदक एवं साइट मैनेजर को चेतावनी दी थी कि नदी से अवैध रूप से बालू का उठाव न किया जाए, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज करते हुए लगातार बालू निकाला गया। उन्होंने कहा कि नदी से अवैध खनन न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है बल्कि इससे आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है, इसलिए प्रशासन से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इधर इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन भी किया जा सकता है। इस मामले को लेकर विधायक मनीष कुमार ने बड़े ही दृढ़ता से कहा है कि वे जनता की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग हैं और किसी भी विकास योजना में अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसलिए यदि जांच में अवैध खनन की पुष्टि होती है तो दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी, क्योंकि विकास कार्य जनता की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए होता है, न कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के लिए।

रिपोर्ट:- के आर राव 

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